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मृतक किसान की 6 पत्नियां पहुंची मुआवजा लेने

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

रायपुर. छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से अनोखा मामला सामने आया है. इस मामले को देख पूरा गांव ही नहीं बल्कि पुलिस वालों के भी पसीने छूट गए है. दरअसल, यहां कुछ दिन पहले एक शख्स की हाथी के हमले से मौत हो जाती है. हाथी के वार से हुई मौत की वजह से सरकार, मृतक के परिजनों को मुआवजा देने का निर्णय लेती है. लेकिन स्थिति अभी पूरी गोलमाल बनी हुई है. सवाल है कि, मुआवजा दिया किसको जाए?  मृतक की तो 6 पत्नियां मुआवजा लेने के लिए सामने खड़ी है.

क्या है पूरा मामला

ये पूरा मामला जशपुर जिले के पत्थलगांव वन क्षेत्र के बालाझर चिमटा पानी गांव का है. यहां कुछ दिन पहले एक किसान, सालिक राम टोप्पो की मौत हो गई. जंगली हाथियो के हमले की वजह से किसान की जान चली जाती है. क्षतिपूर्ति के तौर रक जशपुर शासन ने मृतक को मुआवजे के तौर पर 6 लाख रुपए देने का फैसला लिया था. अब समस्या ये है कि मुआवजा की रकम दे भी तो किसको दे? मुआवजा लेने के लिए किसान की 6 पत्नियां अपने-अपने बच्चों को लेकर दरवाजे पर खड़ी है. सभी महिलाएं अपने आप को मृतक की पत्नी करार दे रही है.

6 महिलाओं का दावा

वन विभाग का कहना है कि, उनके पास 6 महिलाएं मुआवजे की रकम लेने पहुंची थी. सभी सालिक की पत्नी होने का दावा कर रही है. एक महिला का कहना है कि सालिक ने उसे मंगलसूत्र पहनाया था तो वो उसकी असली पत्नी है. दूसरी का कहना है कि वो सालिक के साथ 2 साल तक रही है तो वो उसकी असली पत्नी है. तीसरी का कहना है कि उसके पास उसकी और सालिक की शादी का प्रमाण पत्र है तो वो उसकी असली पत्नी है. वहीं चौथी महिला का कहना है कि उसने सालिक के साथ ज्यादा समय बिताया है वहीं पांचवी पत्नी का दावा है कि आखिरी वक्त में वो 20 साल से सालिक के साथ रही है, हाथी के हमले वक्त भी वो साथ थी तो उसे मिलना चाहिए मुआवजा.

अधिकारियों ने क्या कहा

वहीं 6 पत्नी की इस गोलमाल में वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मुआवजे की राशि उसे ही मिलेगी जो  शादी के प्रमाण पत्र के अलावा अन्य दस्तावेज भी जमा करेगा. जो महिला मृतक की पत्नी होने का सही दस्तावेज पेश करेगी उसे ही मुआवजे के 6 लाख दिए जाएंगे. वहीं गांव वालों का कहना है कि सालिक मरने से पहले एक पत्नी और अपने एक बेटे के साथ रहता था. उसने अपनी सभी 6 पत्नियों के साथ समय भी बिताए है.

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साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।