लोड हो रहा है...

बीसीसीआई ने ऋषभ पंत को बनाया भारत ए टीम का कप्तान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read
नई दिल्ली. भारतीय टीम के विस्फोटक बल्लेबाज और विकेटकीपर ऋषभ पंत की चोट के बाद मैदान पर वापसी होने जा रही है. 30 अक्टूबर को बेंगलुरु में बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में भारत ए और दक्षिण अफ्रीका ए के बीच पहले चार दिवसीय मैच से वो बतौर कप्तान वापसी करेंगे. ऋषभ पंत को भारत ए टीम का कप्तान बनाया गया है, जबकि बी साई सुदर्शन उप-कप्तान होंगे. उनको जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट के बाद से पैर की हड्डी टूटने के कारण सीरीज से बाहर होना पड़ा था.
पहले यह समझा जा रहा था कि पंत दिल्ली की रणजी ट्रॉफी के दूसरे राउंड के मैच में 25 अक्टूबर से हिमाचल प्रदेश के खिलाफ घरेलू मैदान पर वापसी करेंगे. लेकिन अब यह बदल सकता है, क्योंकि भारत ए और दक्षिण अफ्रीका ए के बीच पहला मैच रणजी ट्रॉफी के मैच के निर्धारित अंतिम दिन के दो दिन बाद शुरू हो रहा है.
पंत ने जुलाई के अंत में ओल्ड ट्रैफर्ड टेस्ट में अपने दाहिने पैर की हड्डी तोड़ी थी, अक्टूबर की शुरुआत में अपने पुनर्वास के अंतिम चरण में थे. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में फिटनेस आकलन के लिए तैयार थे. उनका पैर एक महीने से अधिक समय पहले कास्ट से बाहर निकाला गया था और वे पैर को मजबूत करने के लिए गतिशीलता अभ्यास और वजन प्रशिक्षण कर रहे थे.

पहले चार दिवसीय मैच के लिए भारत की टीम

ऋषभ पंत (कप्तान, विकेटकीपर), आयुष म्हात्रे, एन जगदीशन (विकेटकीपर), साई सुदर्शन (उप-कप्तान), देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार, हर्ष दुबे, तनुष कोटियन, मानव सूथार, अंशुल कांबोज, यश ठाकुर, आयुष बडोनी, सारांश जैन.

दूसरे चार दिवसीय मैच के लिए भारत की टीम

ऋषभ पंत (कप्तान, विकेटकीपर), केएल राहुल, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), साई सुदर्शन (उप-कप्तान), देवदत्त पडिक्कल, रुतुराज गायकवाड़, हर्ष दुबे, तनुष कोटियन, मानव सूथार, खलील अहमद, गुरनूर बरार, अभिमन्यु ईश्वरन, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, आकाश दीप.

साभार : न्यूज18

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।