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मोहसिन नकवी ट्रॉफी भारत को सौंप दें, वरना अगले महीने आईसीसी की बैठक में उठाएंगे: बीसीसीआई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. बीसीसीआई ने एशियाई क्रिकेट परिषद के प्रमुख मोहसिन नक़वी को एक आधिकारिक ईमेल लिखकर एशिया कप ट्रॉफी भारत को वापस करने को कहा है. बता दें कि पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल जीत के बाद भारतीय टीम ने नक़वी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था,  जिसके बाद नक़वी ने ट्रॉफी को एशियाई क्रिकेट परिषद के मुख्यालय में रखवा दिया. बीसीसीआई ने नकवी को एक नई चेतावनी देते हुए कहा है कि वे ट्रॉफी भारत को सौंप दें, वरना अगले महीने होने वाली बैठक में यह मामला आईसीसी तक पहुंच सकता है.

बता दें कि 30 सितंबर को एसीसी की बैठक के दौरान, बीसीसीआई ने नकवी के व्यवहार की निंदा की और कहा कि एशिया कप एसीसी का है. बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने ज़ोर देकर कहा था कि एशिया कप 2025 की ट्रॉफी आधिकारिक तौर पर सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली विजयी भारतीय टीम को सौंपी जानी चाहिए और इसे तुरंत एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के अधीन कर दिया जाना चाहिए.

इससे पहले, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने एसीसी अध्यक्ष के कार्यों की आलोचना करते हुए उन्हें अनुचित बताया था.  सैकिया ने कहा था, “हमने एसीसी अध्यक्ष, जो पाकिस्तान के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं, उनसे एशिया कप 2025 की ट्रॉफी स्वीकार नहीं करने का फैसला किया है. यह एक सोची-समझी रणनीति थी.” उन्होंने आगे कहा, “इससे उन्हें ट्रॉफी और मेडल अपने साथ ले जाने का अधिकार नहीं मिलता. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और खेल भावना के विरुद्ध है. हमें उम्मीद है कि ट्रॉफी और मेडल जल्द से जल्द भारत को लौटा दिए जाएंगे.”

बीसीसीआई नवंबर में दुबई में होने वाली आईसीसी बैठक में इस मुद्दे को उठाने के लिए तैयार है. भारतीय बोर्ड  एसीसी अध्यक्ष के आचरण  के खिलाफ औपचारिक और कड़ा विरोध दर्ज कराने की योजना बना रहा है.

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साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।