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दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में अंधाधुंध फायरिंग में 10 लोगों की मौत, 10 घायल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जोहान्सबर्ग. दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में गोलीबारी हुई है. जोहान्सबर्ग के पश्चिम में स्थित बेक्कर्सडाल टाउनशिप में रविवार को हथियारबंद हमलावरों ने लोगों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाई. पुलिस के मुताबिक, रात के 1 बजे (लोकल टाइम) यह हमला हुआ. इस अटैक में 20 लोगों को गोली लगी, जिनमें से 10 की मौत हो गई है. वहीं, 10 लोग घायल हो गए हैं.

यह हमला जोहान्सबर्ग से लगभग 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में हुआ. पुलिस ने कहा कि गोलीबारी के पीछे का मकसद तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका है. सीबीएस न्यूज के हवाले से पुलिस ने एक बयान में कहा, कुछ पीड़ितों को अज्ञात बंदूकधारियों ने सड़क पर गोली मारी है.

सोने की खदानों के पास हुई फायरिंग

गौतेंग प्रांत में पुलिस प्रवक्ता ब्रिगेडियर ब्रेंडा मुरिडिली ने बताया कि अधिकारी अब भी पीड़ितों की पहचान करने में जुटे हुए हैं. यह गोलीबारी बेक्कर्सडाल में एक अनौपचारिक बार (Tavern) के पास हुई, जो दक्षिण अफ्रीका की कुछ प्रमुख सोने की खदानों के नजदीक स्थित एक गरीब इलाका है. पुलिस ने बताया कि घायलों को अस्पताल ले जाया गया है. पुलिस ने कहा कि यह गोलीबारी उस स्थान पर हुई जहां अवैध रूप से शराब बेची जा रही थी.

12 लोगों ने की फायरिंग

पुलिस ने एक बयान में कहा, बताया जा रहा है कि एक सफेद कोम्बी और एक सिल्वर सेडान में सवार लगभग 12 अज्ञात संदिग्धों ने टैवर्न में मौजूद लोगों पर गोलीबारी की और मौके से भागते समय भी बेतरतीब ढंग से फायरिंग करते रहे.

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एसएबीसी ने बताया कि अज्ञात हमलावरों ने टैवर्न के अंदर मौजूद ग्राहकों और बाहर सड़कों पर मौजूद लोगों पर भी गोलियां चलाईं. मामले में पुलिस अब लोगों का बयान दर्ज कर रही है. राष्ट्रीय अपराध और प्रबंधन टीम मौके पर पहुंच चुकी है.

देश में अपराध दर हाई

इससे पहले 6 दिसंबर को राजधानी प्रिटोरिया के पास एक हॉस्टल में बंदूकधारियों ने धावा बोल दिया था, जिसमें तीन साल के एक बच्चे सहित 12 लोगों की मौत हो गई थी. 63 मिलियन की आबादी वाले दक्षिण अफ्रीका में अपराध दर काफी ऊंची है और यह दुनिया के सबसे अधिक हत्या दर वाले देशों में शामिल है.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।