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फ्रेंच ओपन 2025 से लक्ष्य सेन पहले राउंड में आयरलैंड के नहत नगुयेन से हारकर हुए बाहर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. 21 अक्टूबर को पेरिस में फ्रेंच ओपन सुपर 750 के पहले दौर में भारत के लक्ष्य सेन को मेंस सिंगल टूर्नामेंट में आयरलैंड के नहत गुयेन से हार का सामना करना पड़ा। सेन हाल ही में हांगकांग ओपन के फाइनल में पहुंचने में कामयाब रहे थे। वहीं पिछले हफ्ते डेनमार्क ओपन में गुयेन को हराने के बाद अच्छी फॉर्म में थे। लेकिन फ्रेंच ओपन में वह अपनी पिछली सफलता को दोहरा नहीं पाए। फ्रेंच ओपन के पहले दौरे में लक्ष्य सेन को 7-21, 16-21 से हार का सामना करना पड़ा। इस पूरे मैच के दौरान सेन काफी दबाव में नजर आए।

पहले सेट में लक्ष्य सेन पर दिखा दबाव

लक्ष्य सेन ने इस मैच के दौरान बार-बार शॉट बाहर और नेट पर मारे जबकि अपने प्रतिद्वंदी खिलाड़ी के तीखे स्मैश शॉट के खिलाफ लय हासिल करने के लिए संघर्ष करते रहे। लक्ष्य की शुरुआत अच्छी नहीं रही और वह पहले सेट में जल्द ही 2-7 से पीछे हो गए। लक्ष्य फिनिशिंग शॉट पर बार-बार लड़खड़ा गए। एक और शॉट बाहर मारने के बाद वह ब्रेक तक 5-11 से पीछे हो गए और फिर कभी नहीं उबर पाए। एनगुएन ने जल्द ही स्कोर 19-7 किया और फिर एक बेहतरीन क्रॉस कोर्ट विनर लगाकर पहला सेट अपने नाम कर लिया।

वापसी के बावजूद दूसरा सेट नहीं जीत पाए लक्ष्य सेन

दूसरे सेट में भी लक्ष्य सेन कुछ खास कमाल नहीं कर पाए और वह जल्दी ही 1-6 से पीछे हो गए। लक्ष्य ने अंतर को कम करके 4-6 किया लेकिन इस सेट में भी वह अपनी पुरानी गलतियों को दोहराते रहे।ऐसे में ब्रेक तक एनगुएन को 5-11 की बढ़त बनाने में कामयाब रहे थे। लक्ष्य ने दूसरे सेट में वापसी करने की कोशिश की और स्कोर को 11-15 कर दिया लेकिन अहम मौकों पर गलतियों की वजह से वह फिर से पीछे हो गए। अंत में उन्हें फिर से हार का सामना करना पड़ा।

मिक्स्ड डबल्स में रोहन कपूर और जी रुत्विका ने दर्ज की जीत

वहीं मिक्स्ड डबल्स में रोहन कपूर और जी रुत्विका शिवानी की जोड़ी दूसरी दौर में पहुंचने में सफल रही। रोहन-रुत्विका ने 32 मिनट तक चले मुकाबले में यूक्रेन के ओलेक्सी टिटोव और येवहेनिया कांटेमयर की जोड़ी को 21-12, 21-19 से पराजित किया।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।