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अभिनेता व गायक ऋषभ टंडन की अचानक ह्रदय गति रुकने से मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read
मुंबई. फेमस सिंगर जुबिन गर्ग और एक्टर असरानी के निधन के बाद मनोरंजन जगत से एक और बुरी खबर सामने आ रही है. दरअसल एक्टर और सिंगर ऋषभ टंडन का निधन हो गया है. 22 अक्टूबर को दिल्ली में उन्होंने अंतिम सांसें ली. पूरा परिवार अचानक हुई एक्टर की मौत से सदमे में हैं. चलिए बताते हैं आखिर ऋषभ टंडन की मौत का कारण क्या है.
यूं तो ऋषभ टंडन वाइफ के साथ मुंबई में रहते थे. मगर वह दिवाली मनाने के लिए दिल्ली में अपने परिवार के पास पहुंचे थे. किसी ने सोचा भी नहीं था कि दिवाली के मौके पर एक्टर के साथ ऐसा होगा. पूरा परिवार चिंता में हैं.

ऋषभ टंडन की मौत का कारण

ऋषभ टंडन दिवाली पर अपने परिवार के साथ थे. सभी उनके घर आने से काफी खुश थे. मगर बुधवार को अचानक हार्ट अटैक ने उनकी जान ले ली. इस दुख की घड़ी में एक्टर के परिवार ने प्राइवेसी की मांग की. वहीं सोशल मीडिया पर फैंस उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं.

ऋषभ टंडन के बारे में

ऋषभ एक्टर और सिंगर के साथ साथ कंपोजर भी थे. उन्होंने रश्ना: द रे ऑफ लाइट, फकीर – लिविंग लिमिटलेस (2017) और ऋषभ टंडन: इश्क फकीराना (2025) जैसे प्रोजेक्ट में काम किया है. उनके हिट गानों की बात करें तो ये आशिकी, चांद तू, धू धू करके और फकीर की जुबानी जैसे गाने काफी पसंद किए गए हैं.

इस एक्ट्रेस संग जुड़ चुका था नाम

ऋषभ टंडन इंडस्ट्री में अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी सुर्खियां बटौर चुके हैं. उनका नाम एक्ट्रेस सारा खान संग भी जुड़ा था. मगर एक्टर ने रशियन ब्यूटी Olesya Nedobegova संग शादी रचाई. उनकी पत्नी बतौर लाइन प्रोड्यूसर काम करती हैं. दोनों ने साल 2023 में ब्याह रचाया था.
साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।