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सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी पर केरल भाजपा ने केंद्र सरकार से की हस्तक्षेप की मांग

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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तिरुवनंतपुरम. केरल में सबरीमाला श्री धर्मशास्ता मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में सामने आए भ्रष्टाचार और सोने की चोरी के मामलों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखते हुए इन मामलों की गंभीरता पर प्रकाश डाला है।

राजीव चंद्रशेखर ने पत्र में आरोप लगाया है कि सबरीमाला मंदिर से जुड़ी हालिया घटनाएं त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड की घोर लापरवाही को उजागर करती हैं, जो कि राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि मंदिर से जुड़े कीमती आभूषणों की चोरी, स्वर्ण-मंडन में अनियमितताएं, मंदिर की जमीनों की हेराफेरी और प्राचीन वस्तुओं के गायब होने जैसी कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं।

इस पूरे मामले को देखते हुए केरल उच्च न्यायालय ने 9 सितंबर 2025 को स्वतः संज्ञान लेते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन का आदेश दिया है। कोर्ट ने बिना अनुमति के मंदिर की प्राचीन वस्तुओं को हटाने और पुनः स्थापना जैसे मामलों की जांच के निर्देश दिए हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन अपराधों के पीछे त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड की विफलता और राज्य सरकार की जवाबदेही तय होती है।

भाजपा का कहना है कि यह मामला केवल धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और श्रद्धालुओं की आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक पारदर्शिता, सुशासन और जवाबदेही के व्यापक सवाल भी खड़े करता है। पार्टी ने केंद्र से अपील की है कि इन गंभीर अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।