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पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक बॉयलर फैक्ट्री में भीषण विस्फोट से 15 लोगों की मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान में शुक्रवार को बड़ा धमाका हुआ। पंजाब प्रांत में एक फैक्ट्री में बॉयलर फट गया। हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो गई है। वहीं बड़ी संख्या में लोग घायल बताए जा रहे हैं। धमाका इतना भीषण थी कि कई बिल्डिंग भी ढह गईं।

पंजाब के फैसलाबाद जिले के मलिकपुर इलाके में शुक्रवार को एक रासायनिक कारखाने के बॉयलर में बड़ा विस्फोट हुआ। इससे पूरी फैक्ट्री जमीदोज हो गई। साथ ही पास की इमारतें भी ढह गईं। फैसलाबाद के उपायुक्त राजा जहांगीर अनवर ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हो गया है। अब तक मलबे से 15 शव निकाले जा चुके हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया गया है। कहा कि मलबे के नीचे और भी लोग दबे हो सकते हैं। बचाव दल मलबा हटाने में लगा है।

पंजाब के IG उस्मान अनवर ने निर्देश दिया कि रेस्क्यू 1122, अग्निशमन विभाग और सभी संबंधित एजेंसियों को पूरी सहायता दी जाए। पंजाब की सीएम मरियम नवाज ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की। साथ ही फैसलाबाद कमिश्नर से घटना के बारे में विस्तार से रिपोर्ट मांगी है।

इससे पहले हाल ही में पाकिस्तान में जाफर एक्सप्रेस पर के ट्रैक पर बम लगा दिया था। हालांकि ट्रेन के गुजरने के बाद ही बम फटा। इससे किसी की जान नहीं गई। इशसे पहले भी ट्रेन में कई बार बम फोड़ने की कोशिश हो चुकी है।

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गत मार्च में भी बलूचों ने पेशावर जाने वाली ट्रेन पर भी हमला किया था। 18 जून को एक ट्रेन पर हमला किया गया। इसकी जिम्मेदारी बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स ने ली थी। इसके बाद 7 और 10 अगस्त, 23 सितंबर, 7 अक्टूबर और 29 अक्टूबर को भी पाकिस्तान में ट्रेनों पर हमले हो चुके हैं।

साभार : न्यूज24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।