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योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों को अवैध घुसपैठियों को चिह्नित कर डिटेंशन सेंटर में रखने का दिया आदेश

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद से कड़े से कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध घुसपैठ पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं। इसको लेकर सीएम योगी ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं। सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों को अवैध घुसपैठ पर त्वरित और सख्त कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए हैं। सीएम योगी ने जिम्मेदार अधिकारियों को घुसपैठियों को चिह्नित करने के लिए कहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता सर्वोच्च प्राथमिकता है। सीएम ने कहा कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसको लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक जिला प्रशासन अपने क्षेत्र में रहने वाले अवैध घुसपैठियों की पहचान सुनिश्चित करे। सीएम योगी ने कहा कि ऐसे घुसपैठियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू की जाए।

इसके साथ ही यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि घुसपैठियों को रखने के लिए प्रत्येक जिले में अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों में विदेशी नागरिकता के अवैध व्यक्तियों को रखा जाएगा और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक वहीं आवास सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिटेंशन सेंटर में रखे गए अवैध घुसपैठियों को तय प्रक्रिया के तहत उनके मूल देश भेजा जाएगा।

वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी अपने एक बयान में घुसपैठियों पर बयान दिया है। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि घुसपैठियों के खिलाफ पूरे देश में अभियान चल रहा है। एक भी घुसपैठी भारत में नहीं रहने दिया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने यहां तक कहा कि इन्हें चुन-चुनकर और खोज-खोजकर भारत के बाहर निकाला जाएगा। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि इसको लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने इसका ऐलान कर दिया है। पूरा देश इसके लिए तैयार है।

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साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।