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जगदीप धनखड़ का इस्तीफा हुआ मंजूर, कारणों पर संशय बरकरार

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नई दिल्ली. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उपराष्ट्रपति धनखड़ का इस्तीफा मंजूर किया। सोमवार शाम को ही उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा राष्ट्रपति मुर्मू को भेजा था। इसके बाद सियासी पारा चढ़ने लगा। विपक्षी पार्टियों ने धनखड़ के इस्तीफे पर सवाल उठाया। इस बीच मंगलवार दिन में राष्ट्रपति ने धनखड़ का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। प्रेसीडेंट के इस्तीफा स्वीकार करते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे मामले पर पहली टिप्पणी की।

धनखड़ के इस्तीफे पर क्या बोले पीएम मोदी

पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, ‘जगदीप धनखड़ जी को भारत के उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।’ इससे पहले गृह मंत्रालय ने संविधान के अनुच्छेद 67A के तहत भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे की सूचना तत्काल प्रभाव से दे दी।

मॉनसून सत्र शुरू होते ही इस्तीफे से उठे सवाल

संसद के मॉनसून सत्र का आगाज सोमवार को ही हुआ। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सत्र के पहले दिन सभापति के तौर पर दिन भर राज्यसभा कार्यवाही का संचालन किया, शाम को सांसदों की बैठक भी की। फिर करीब तीन घंटे बाद खराब सेहत का हवाला देकर इस्तीफा दे दिया। इस बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को धनखड़ का इस्तीफा मंजूर कर लिया। इसी के साथ सवाल उठने लगे कि अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा?

कार्यकाल के बीच इस्तीफा देने वाले तीसरे उपराष्ट्रपति बने धनखड़

जगदीप धनखड़ कार्यकाल के बीच में पद से इस्तीफा देने वाले तीसरे उपराष्ट्रपति बन गए हैं। इससे पहले, वीवी गिरि ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था, जिन्होंने तीन मई 1969 को तत्कालीन राष्ट्रपति जाकिर हुसैन के निधन के बाद कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद संभाला था। गिरि ने दो जुलाई 1969 को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देकर स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में राष्ट्रपति चुनाव लड़ा। वह अपना कार्यकाल पूरा न कर पाने वाले पहले उपराष्ट्रपति थे।

वीवी गिरि, भैरों सिंह शेखावत और कृष्णकांत नहीं पूरा कर सके कार्यकाल

भैरों सिंह शेखावत ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव में हारने के बाद 21 जुलाई 2007 को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया। शेखावत के इस्तीफे के बाद, उपराष्ट्रपति का पद 21 दिनों तक रिक्त रहा, जिसके बाद मोहम्मद हामिद अंसारी इस पद के लिए चुने गए। उपराष्ट्रपति आर वेंकटरमन, शंकर दयाल शर्मा और केआर नारायणन ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन राष्ट्रपति चुने जाने के बाद। कृष्णकांत एकमात्र उपराष्ट्रपति थे, जिनका पद पर रहते हुए निधन हो गया था। उन्होंने 27 जुलाई 2002 को अंतिम सांस ली थी।

साभार : नवभारत टाइम्स

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