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चीन के बिना पायलट के बॉम्बर स्टील्थ ड्रोन उड़ाने से अमेरिका और भारत की चिंता बढ़ी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

बीजिंग. चीन ने अपने नए आधुनिक हथियार से एक बार फिर दुनिया का ध्यान खींचा है। चीन का नया लड़ाकू फ्लाइंग-विंग ड्रोन पहली बार उड़ान भरते हुए देखा गया है। इसे अगली अगली पीढ़ी का बिना पायलट वाला बमवर्षक माना जा रहा है। इस बड़े स्टील्थ क्रैंक्ड काइट ड्रोन का वीडियो की चीनी सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इसे अनौपचारिक रूप से GJ-X कहा जा रहा है। इसने अमेरिका का भी ध्यान खींचा है क्योंकि यह अपनी श्रेणी में अमेरिकी बमवर्षकों के लिए चुनौती बनेगा। वहीं भारत के लिए भी ये चिंता बढ़ाने वाला हो सकता है।

द वॉर जोन की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह विमान बमवर्षक या उससे मिलते-जुलते डिजाइन वाला है। इसी तरह का हथियार अगस्त में झिंजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र में चीन के मालन एयरबेस पर ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में कैद हुआ था। मालन बेस के इस विमान का पंख फैलाव 42 मीटर (138 फीट) है, जो इसे बिना चालक वाले स्टील्थ विमानों की दुर्लभ श्रेणी में रखता है।

अमेरिकी बॉम्बर जैसा आकार

चीन का यह नया हथियार नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन बी-21 रेडर के बराबर साइज का है, जो एक अमेरिकी स्टील्थ रणनीतिक बमवर्षक है। इसका पंख फैलाव 40-42 मीटर है। वर्तमान में विकासाधीन B-21 पारंपरिक और परमाणु दोनों प्रकार के पेलोड ले जाने में सक्षम होने की उम्मीद है। B-52 के साथ मिलकर भविष्य के अमेरिकी बमवर्षक बल की रीढ़ बनेगा।

नए चीनी ड्रोन का उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ सैन्य पर्यवेक्षकों ने कहा कि यह अभियानों पर केंद्रित बड़ा मानवरहित लड़ाकू वायुयान है। कुछ इसे एक मानवरहित स्टील्थ बॉम्बर कह रहे हैं। चीनी सैन्य पर्यवेक्षक और शेन्जेन टीवी के टिप्पणीकार चेन शी ने कहा कि मालन बेस पर देखा गया ड्रोन एक मध्यम दूरी का रणनीतिक बमवर्षक था।

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एक्सपर्ट ने क्या कहा

चेन ने कहा है कि अगली पीढ़ी का एच-20 बमवर्षक अभी जारी नहीं किया गया है लेकिन अब हमारे पास बी-21 के समान आकार का एक रणनीतिक स्तर का मध्यम दूरी का बमवर्षक है। साल 2016 में चीन ने एक नए लंबी दूरी के बमवर्षक के विकास की घोषणा की थी। इसे बाद में एच-20 स्टील्थ बॉम्बर नाम दिया गया।

वॉर जोन की रिपोर्ट में कहा गया है कि मालन बेस की तस्वीरों में दिख रहे विमान में अमेरिकी B-2 स्टील्थ बॉम्बर के समान स्प्लिट रडर थे। इसमें जेट की पूंछ के ऊपर एक छोटा, केंद्र से हटकर उभार देखा गया है। इससे पता चलता है कि यह दो इंजनों वाला डिजाइन वाला था। यह नया मॉडल उन कुछ नए मानवरहित विमानों में एक है, जिनका चीन परीक्षण कर रहा है।

क्या है खासियत

GJ-X का डिजाइन CH-7 या कैहोंग-7 नामक ड्रोन से स्पष्ट रूप से मिलता-जुलता है, जिसे पिछले साल नवंबर में चीन के झुहाई एयर शो में प्रदर्शित किया गया था। मई में शिन्हुआ की एक रिपोर्ट के अनुसार, CH-7 ड्रोन का पंख फैलाव 27.3 मीटर, अधिकतम टेक-ऑफ भार 8 टन और क्रूज गति 0.5 मैक है, जो इसे एक उच्च गति वाला टोही विमान बनाता है।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।