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विश्वजीत मोरे ने भारत को अंडर-23 कुश्ती विश्व चैंपियनशिप में दिलाया कांस्य पदक

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. भारतीय ग्रीको रोमन पहलवान विश्वजीत मोरे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अंडर-23 कुश्ती विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक अपने नाम किया। विश्वजीत ने कजाकिस्तान के येरासिल ममायरबेकोव को 5-4 से हराया। मोरे ने 55 किग्रा वर्ग में पदक जीता। मोरे ने इससे पहले  जॉर्जिया के जियोर्जी कोचालिड्ज़े के खिलाफ तकनीकी श्रेष्ठता (9-1) से मुकाबला जीतकर रेपचेज में अपने मौके का पूरा फायदा उठाया।

तीन महिला पहलवानों को मिली हार

भारत की तीन महिला पहलवानों को हालांकि अपने-अपने शुरुआती दौर में हार का सामना करना पड़ा। हन्नी कुमारी (50 किग्रा) यूडब्ल्यूडब्ल्यू ध्वज तले प्रतिस्पर्धा कर रही स्वियातलाना कटेंका के खिलाफ एक करीबी मुकाबले में पटखनी खाने से हार गईं। कटेंका ने जब भारतीय पहलवान के खिलाफ पिन मूव हासिल किया तो स्कोर 4-6 था। दीक्षा मलिक (72 किग्रा) क्वालीफिकेशन दौर से आगे नहीं बढ़ सकीं और चीन की युकी लियू से 3-9 से हार गईं। इसके बाद लियू को भी हार का सामना करना पड़ा जिससे इस भारतीय पहलवान के लिए प्रतियोगिता में बने रहने का रास्ता बंद हो गया।
प्रिया मलिक (76 किग्रा) को भी क्वालिफिकेशन में हार का सामना करना पड़ा। अमेरिका की काइली रेनी वेल्कर ने उन्हें तकनीकी श्रेष्ठता (10-0) से करारी शिकस्त दी। अमेरिकी पहलवान सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं और अगर वह अगला मुकाबला जीत जाती हैं तो प्रिया के लिए रेपचेज का रास्ता खुल जाएगा। कुणाल हालांकि 60 किग्रा वर्ग में क्वार्टर फाइनल में इजराइल के मेलकामु फेटेने से 2-4 से हारकर बाहर हो गए। उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत सर्बिया के रोलैंड वर्गा पर तकनीकी श्रेष्ठता (8-0) से प्रभावशाली जीत के साथ की थी। प्रिंस 82 किग्रा में अपना क्वालीफिकेशन मुकाबला उज्बेकिस्तान के समंदर बोबोनाजारोव से हार गए।
साभार: अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।