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अजित पवार ने खुलेआम मतदाताओं को उन्हें वोट न देने पर दी फंड न देने की धमकी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार के मालेगांव में पंचायत चुनाव प्रचार के दौरान दिए बयान पर राज्य में सियासत तेज हो गई है। दरअसल,पवार ने एक रैली को संबोधित करते हुए वोटर्स से कहा कि अगर आपके पास वोट है, तो मेरे पास फंड है। विपक्ष ने इसे लेकर चुनाव आयोग से सवाल पूछा है।

पवार ने कहा कि अगर वे उनकी पार्टी के कैंडिडेट्स को चुनेंगे तो वे शहर में फंड की कोई कमी नहीं होने देंगे, लेकिन यदि वे उन्हें रिजेक्ट करते हैं, तो वे भी रिजेक्ट करेंगे। आपके पास वोट हैं, मेरे पास फंड है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख अजित शुक्रवार को बारामती तहसील में मालेगांव नगर पंचायत चुनाव के लिए प्रचार कर रहे थे। पवार महाराष्ट्र की BJP–NCP–शिवसेना सरकार में वित्त मंत्री भी हैं।

फंड आम लोगों के टैक्स से आते हैं-शिवसेना (UBT)

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शिवसेना (UBT) नेता अंबादास दानवे ने पवार पर मतदाताओं को धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, फंड आम लोगों के टैक्स से आते हैं, न कि अजित पवार के घर से। अगर पवार जैसे नेता वोटर्स को धमका रहे हैं, तो चुनाव आयोग क्या कर रहा है?”

नगर पंचायत चुनाव 2 दिसंबर को होने वाले हैं। पवार के नेतृत्व वाली NCP और BJP समर्थित पैनल ने मालेगांव में गठबंधन किया है। मालेगांव बारामती का वह इलाका है, जहां पवार परिवार का राजनीतिक प्रभाव लंबे समय से मौजूद है।

धाराशिव में कहा था- क्या हम कंचे खेलने आए हैं

26 सितंबर को अजित पवार मराठवाड़ा के धाराशिव में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे थे। यहां पर उनका किसानों से बातचीत का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे कर्ज माफी की मांग पर गुस्सा करते नजर आ रहे हैं।जब एक किसान ने कर्ज माफी की मांग की तो डिप्टी सीएम ने गुस्से में कहा- ‘इसे मुख्यमंत्री बना दो! क्या तुम्हें लगता है कि हम कंचे खेलने आए हैं?’

साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।