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पाकिस्तान के पेशावर में दो धमाकों में 3 सुरक्षाकर्मियों की मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान के पेशावर में सोमवार सुबह अर्धसैनिक बल (FC) के मुख्यालय पर कुछ बंदूकधारियों ने हमला कर दिया. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे ही फायरिंग की आवाज आई, पुलिस और सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंच गए और इलाके को घेर लिया. वहीं, पेशावर के कई लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उन्होंने FC मुख्यालय की तरफ से बम धमाके जैसी तेज आवाज सुनाई दी. तहरीक-ए-तालिबान ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है.

सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर हुआ हमला

जियो टीवी के मुताबिक, पेशावर में फेडरल कॉन्स्टेबलरी (FC) मुख्यालय पर सोमवार सुबह 8:10 बजे हमला हुआ. घटना के बाद सुनहरी मस्जिद रोड को बंद कर दिया गया और पूरे इलाके को सुरक्षा बलों ने घेर लिया. सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार हमले में दो धमाके हुए और हमलावरों ने गोलियां चलाई, जिसके बाद अफरातफरी मच गई.

पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके को तुरंत कोर्डन ऑफ कर दिया. हमले में तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया. सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि मुख्यालय के गेट पर एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा दिया. सोशल मीडिया पर भी कई यूजर्स ने इस घटना का दावा किया है.

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खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकवादी घटनाओं में बढ़ोतरी

पाकिस्तान में खासकर खैबर पख्तूनख्वा (KP) और बलूचिस्तान में आतंकवादी घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है. इससे पहले नवंबर 2022 में TTP ने सरकार के साथ शांति समझौता खत्म कर दिया था और सुरक्षा बलों, पुलिस और अन्य अधिकारियों पर हमले की जिम्मेदारी ली थी. वहीं, सितंबर में खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में FC मुख्यालय पर हुए हमले को सुरक्षा बलों ने नाकाम किया, जिसमें छह सैनिक शहीद और पांच आतंकवादी ढेर हुए थे.

साभार : एबीपी न्यूज

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यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।