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आरजेडी नेता और पूर्व मंत्री प्रो. चंद्रशेखर सनातन धर्म को बताया पाखंड

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. बिहार के पूर्व शिक्षा मंत्री और मधेपुरा के विधायक प्रो. चंद्रशेखर ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने धार्मिक मान्यताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि कौन सा धर्म या विचारधारा इंसान को अछूत बनाती है? लेकिन, जानवरों को भगवान का दर्जा देती है। मधेपुरा में एक प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा, “इंसान अछूत होता है, लेकिन कुत्ता भैरव भगवान होता है। नाग देवता होता है, जिसके डंसने से इंसान मर जाता है। उल्लू लक्ष्मी माता की सवारी बनता है, लेकिन इंसान अछूत रहता है।” उन्होंने कहा कि जानवरों का सम्मान होना चाहिए, क्योंकि वे भी जीव हैं, लेकिन जो धर्म इंसान को अछूत और जानवरों को भगवान बनाता है, वह अधर्मी और पाखंडी है।

भेदभाव के खिलाफ जनजागृति जरूरी

प्रो. चंद्रशेखर ने इस भेदभाव के खिलाफ जनजागृति की जरूरत बताई और कहा कि समाजवादियों का लक्ष्य समानता स्थापित करना है। उनकी पार्टी इस सामाजिक कुरीति के खिलाफ अभियान जारी रखेगी। गौरतलब है कि इससे पहले भी प्रो. चंद्रशेखर रामचरितमानस पर टिप्पणी कर विवादों में घिर चुके हैं। उन्होंने रामचरितमानस, मनुस्मृति और गोलवलकर की किताब को समाज में विभाजन और नफरत फैलाने वाला बताया था। उन्होंने रामचरितमानस की कुछ चौपाइयों का हवाला देते हुए इसे समाज तोड़ने वाला ग्रंथ भी कहा था। इसके बाद खूब विवाद हुआ था। भाजपा नेताओं ने उनपर जमकर हमला बोला था और माफी मांगने तक कह दिया था।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।