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कठुआ में वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क के उपयोग पर दो महीने के लिए लगाया गया प्रतिबंध

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कठुआ. जिला मजिस्ट्रेट कठुआ ने जिले में वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। इसे लेकर जिला मजिस्ट्रेट राजेश शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है।

आदेश में कहा गया है कि कुछ व्यक्ति और समूह वीपीएन का दुरुपयोग कर साइबर प्रतिबंधों को दरकिनार कर रहे हैं और प्रतिबंधित एप्लिकेशन, वेबसाइटों व डिजिटल सामग्री तक पहुंच बना रहे हैं। यह गतिविधि सार्वजनिक शांति, राष्ट्रीय सुरक्षा और डिजिटल शासन की अखंडता के लिए गंभीर खतरा है। पुलिस अधीक्षक ने इस संबंध में जिला प्रशासन को सूचित किया था कि वीपीएन के दुरुपयोग से अवैध और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। इससे अशांति फैलने, भड़काऊ या भ्रामक सामग्री का प्रसार होने और कानून-व्यवस्था के लिए हानिकारक गतिविधियों बढ़ने की संभावना की आशंका है।

जिले में सभी व्यक्तियों, संस्थानों, साइबर कैफे और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं पर वीपीएन उपयोग का प्रतिबंध लागू होगा। केवल वही वीपीएन उपयोग की अनुमति होगी जिन्हें सरकार विशेष आदेश से मंजूरी देगी। उल्लंघन करने वालों पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है जो अगले दो माह तक मान्य रहेगा जब तक इसे पहले वापस या रद्द न किया जाए। इसकी जिम्मेदारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कठुआ को सौंपी गई है।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।