लोड हो रहा है...

सुरक्षाबलों ने राजौरी के केरी सेक्टर में घुसपैठ कर रहे एक आतंकवादी को किया ढेर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

जम्मू. पाकिस्तान ने एक बार फिर से जम्मू-कश्मीर में अपनी नापाक हरकतों को अंजाम देने की कोशिशें शुरू कर दी हैं. लेकिन सीमा पर तैनात भारतीय जवान पाकिस्तान के इन मंसूबों को पूरा नहीं होने दे रहे. पहलगाम आतंकी हमले के बाद से घाटी समेत पूरे जम्मू-कश्मीर में भारी सुरक्षा तैनात है. बावजूद इसके सीमा पार से मंगलवार को घुसपैठ की कोशिश की गई.

राजौरी के केरी सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश नाकाम

दरअसल, आतंकियों ने राजौरी जिले के केरी सेक्टर में एलओसी पर घुसपैठ की कोशिश की. लेकिन भारतीय जवानों ने इसे नाकाम कर दिया. इस ऑपरेशन के दौरान जवानों ने एक आतंकी को मार गिराया, जबकि एक आतंकी घायल हो गया. सूत्रों के मुताबिक, मारे गए आतंकी का शव नियंत्रण रेखा के पास पड़ा हुआ देखा गया. जबकि घायल आतंकी पीओके की ओर भाग गया.

सुरनकोट और मेंढक में चलाया गया तलाशी अभियान

जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को सुबह से शाम तक सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया. जिसमें सीआरपीएफ, स्थानीय पुलिस और राष्ट्रीय राइफल्स की संयुक्त टीम शामिल रहीं. हालांकि, अभी तक इलाके से किसी के गिरफ्तार या किसी गोलीबारी की खबर सामने नहीं आई है. बताया जा रहा है कि सुरनकोट में साड़ी, उस्तान, पठानखोर, लोहार मोहल्ला, चंडीमढ़, फागल, हरि टॉप और कागवाली, मेंढर में लिम्बा, और उच्छड़ और कल्लार-गुरसाई में सुरक्षा बलों ने छापेमारी की.

सुबह-सुबह की घुसपैठ की कोशिश

बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह करीब 8-9 बजे के बीच सेना के जवानों ने बारात गाला इलाके में एलओसी के पास संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं. जैसी ही जवानों को घुसपैठ की कोशिश का पता चल जवान सतर्क हो गए और फायरिंग शुरू कर दी. सैन्य सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने शाम के समय मारे गए आतंकी का शव उठाने की कोशिश की. लेकिन जवानों ने गोलीबारी कर इस कोशिश को नाकाम कर दिया. बताया जा रहा है कि आतंकी का शव नियंत्रण जीरो लाइन पर ही पड़ा हुआ है.

- Advertisement -

इलाके की सर्च अभियान जारी

इस आतंकी घुसपैठ को नाकाम करने के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया जो अभी भी जारी है. इसके साथ ही सेना ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि उन्हें कोई संदिग्ध हरकत दिखे तो उसके बारे में तुरंत सूचना दें.

साभार : न्यूजनेशन

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

- Advertisement -

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।