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सेना ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 2 आतंकवादियों को मार गिराया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

जम्मू. जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सेना को बड़ी सफलता मिली है। कठुआ के राजबाग इलाके के जुथाना में चल रहे एनकाउंटर में सेना ने एक से दो आतंकवादियों को मार गिराया है। सुरक्षा सूत्रों की तरफ से आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि करते हुए बताया गया कि आपॅरेशन जारी रहने के कारण सही गिनती का पता नहीं चला है। लेकिन आपॅरेशन में आतंकियों को मार गिराया गया है। पूरे इलाके में जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। ताकि आतंकियों को भागने का मौका ना मिल सके। दरअसल यहां पिछले चार दिन से आतंकवाद रोधी अभियान बड़े स्तर पर जारी है। यह मुठभेड़ आज सुबह उस समय हुई जब राजबाग के घाटी जुथाना इलाके में जखोले गांव के पास सुरक्षाबलों का सामना आतंकवादियों से हुआ। यह जगह हीरानगर सेक्टर में रविवार को हुई मुठभेड़ वाले स्थल से लगभग 30 किलोमीटर दूर है।

आतंकियों के साथ मुठभेड़ जारी

जानकारी के अनुसार सुबह से ही इलाके में आतंकियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ चल रही है। इसमें दोनों तरफ से रुक-रुककर फायरिंग जारी है। सुबह आपॅरेशन के दौरान पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। जिन्हें बाहर निकाल कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इलाका काफी घना है। इसलिए इलाके में बड़ी समझ के साथ आपॅरेशन को चलाया जा रहा है। पुलिस के सीनियर अफसर भी मौके पर ही मौजूद है।

पुलिस संग सेना और बाकी एजेंसिया भी लगी

इस आपॅरेशन में पुलिस के अलावा सेना और बाकी एजेंसिया भी लगी हुई हैं। जो कि लगातार आतंकियों के साथ मुकाबला कर रही है। बताया जा रहा है कि मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने आतंकियों को मार गिराया है। लेकिन आतंकियों की कुल गिनती कितनी है? और जंगल के इलाके में और कितने छिपे हुए हैं। इस बारे में अभी पक्की जानकारी नहीं दी जा रही है। लेकिन यह बात साफ है कि आतंकियों को चारों तरफ से घेर लिया गया है। इससे की वह भाग नहीं सकते हैं। अभी यह भी पक्का नहीं कहा जा रहा है कि जो आतंकी हीरानगर से भागे थे यह वही आतंकी हैं या फिर नहीं हैं। इन सब बातों का पता आपॅरेशन के खत्म होने के बाद ही चलेगा।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।