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कुपवाड़ा में आतंकवादियों ने की एक स्थानीय नागरिक की हत्या

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

जम्मू. आतंकवाद विरोधी अभियानों में तेजी के बीच सुरक्षाबलों ने कश्मीर घाटी में पिछले 24 घंटों में सक्रिय आतंकवादियों के चार और घरों को उड़ा दिया, वहीं जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में अज्ञात बंदूकधारियों ने एक नागरिक की गोली मारकर हत्या कर दी. मारा गया व्यक्ति एक आम नागरिक था, जिसका भाई कुछ साल पहले पाकिस्तान चला गया था और लश्कर में शामिल है. पुलिस ने बताया कि संदिग्ध बंदूकधारियों ने शनिवार देर रात कंडी खास स्थित 45 वर्षीय गुलाम रसूल मगरे पर गोली चलाई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. अधिकारियों ने बताया, “मगरे को तुरंत एक चिकित्सा सुविधा में ले जाया गया जहां से उसे श्रीनगर के एक अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया. वहां उसकी मौत हो गई.” उन्होंने बताया कि बाद में शव का पोस्टमार्टम किया गया.

संयुक्त सुरक्षा बलों ने चलाया तलाशी अभियान

हमले के बाद संयुक्त सुरक्षा बलों ने हमलावरों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया.  जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. हालांकि, हत्या के पीछे का मकसद स्पष्ट नहीं है, लेकिन सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि मगरे का भाई गुलाम मोहिदीन मगरे नियंत्रण रेखा पार करके पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में रहता है. माना जाता है कि मोहिदीन लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादी समूह का सक्रिय सदस्य है.

आतंकवादियों के घरों को किया जा रहा ध्वस्त

कुपवाड़ा में एक नागरिक की हत्या ऐसे समय में हुई है जब सुरक्षा बलों ने इस सप्ताह की शुरुआत में पहलगाम हमले के मद्देनजर कश्मीर में आतंकवादियों और उनके समर्थकों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. जारी कार्रवाई में कम से कम नौ आतंकवादियों के घरों को “विस्फोटकों का उपयोग करके ध्वस्त” किया गया है और सैकड़ों संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. शनिवार शाम से विस्फोटकों का उपयोग करके आतंकवादियों के तीन और घरों को नष्ट कर दिया गया. जिन घरों को विस्फोट से उड़ाया गया उनमें ज़ैनपोरा शोपियां में अदनान सफी डार, बांदीपोरा में जमील अहमद शीर गोजरी और पुलवामा के त्राल में आमिर नजीर वानी के घर शामिल हैं.

दो लोगों को हिरासत में लिया गया

इस बीच, मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में दो “कट्टर” ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGW) को सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत हिरासत में लिया गया. PSA के तहत बिना किसी आरोप या मुकदमें के अधिकतम एक या दो साल तक हिरासत में रखा जा सकता है.

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पुलिस ने कही ये बात

पुलिस ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक कदम उठाते हुए और राष्ट्र-विरोधी तत्वों (एएनई) के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए जिला पुलिस बडगाम ने दो “कट्टर” ओजीडब्ल्यू ताहिर अहमद कुमार निवासी पकरपोरा और शबीर अहमद गनई निवासी करपोरा पकरपोरा को पीएसए के तहत हिरासत में लिया है. पुलिस ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक कदम उठाते हुए और राष्ट्र-विरोधी तत्वों (एएनई) के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए जिला पुलिस बडगाम ने दो “कट्टर” ओजीडब्ल्यू ताहिर अहमद कुमार निवासी पकरपोरा और शबीर अहमद गनई निवासी करपोरा पकरपोरा को पीएसए के तहत हिरासत में लिया है.

पुलिस ने कहा, “ये गिरफ्तारियां लगातार प्रयासों और कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी के आधार पर की गई हैं, जो इस क्षेत्र में सक्रिय आतंकवादी संगठनों को सक्रिय समर्थन प्रदान करने में दोनों की संलिप्तता को दर्शाती हैं.” पुलिस के एक बयान में कहा गया है, “हिरासत में लिए गए लोग आतंकवादी गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने में सहायक थे, जिसमें आवाजाही, आश्रय, रसद सहायता, और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में उनकी निरंतर भागीदारी और स्थानीय युवाओं को प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों में शामिल होने के लिए प्रेरित करने में उनकी भूमिका शामिल है. पीएसए लगाना आवश्यक समझा गया था, और उनकी हिरासत जिले में आतंकवादी समर्थन नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.”

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।