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पंजाब पुलिस ने रोडवेज कर्मचारियों पर की लाठीचार्ज, कई प्रदर्शनकारियों को किया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लुधियाना. पंजाब रोडवेज के कर्मी मांगें पूरी न किए जाने के चलते शुक्रवार को हड़ताल पर चले गए हैं। यही नहीं मांगे पूरी न होने के कारण कई रोडवेज बस कर्मचारी नजदीकी टंकी पर चढ़ गए। जिन्हें उतारने के लिए पुलिस मनाने में लगी है। वहीं, पटियाला में विरोध तेज होने आउटसोर्स कर्मचारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है और कइयों को हिरासत में लिया है।

उधर, पटियाला एसपी सिटी पलविंदर चीमा ने कहा कि पीआरटीसी के आउटसोर्स कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने गेट बंद कर दिए और नारेबाजी की। हमने उन्हें बार-बार बताया कि वे जो कर रहे हैं वह गैरकानूनी है, सभी को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का अधिकार है, लेकिन वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध नहीं कर रहे थे। हमने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और अब स्थिति शांतिपूर्ण है। कानून के अनुसार, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी क्योंकि उन्होंने कानून अपने हाथ में लिया है।

टंकी पर चढ़ा युवक

उधर, लुधियाना में विरोध के बीच एक कर्मचारी टंकी पर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहा है। अधिकारी का कहना है कि पंजाब सरकार उनकी मांगे पूरी नहीं कर रही है। वहीं बस किलोमीटर स्कीम बंद नहीं कर रही है। उनकी मांग प्रमुख है

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उन्होंने कहा कि लंबे समय से यूनियन मांगे पूरी किए जाने की मांग कर रही है। लेकिन सरकार बार-बार टाल देती है। इसी कारण आज बस स्टैंड पर हड़ताल की गई है फिलहाल बस स्टैंड पर हड़ताल के चलते सरकारी बस नहीं चल रही है।

इस वजह से लोग परेशान हो रहे हैं। दूसरी और पुलिस ने कुछ मुलाजिम को हिरासत में लिया है। यूनियन ने साफ कहा कि जब तक कर्मचारियों को छोड़ नहीं जाता । तब तक हड़ताल जारी रहेगी। ऐसे में यात्रियों को परेशानी रहेगी।

साभार : दैनिक जागरण

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यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।