लोड हो रहा है...

सेना ने पाकिस्तान से घुसपैठ की साजिश नाकाम कर दो आतंकवादियों को किया ढेर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

जम्मू. जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर एक बार फिर पाकिस्तानी आतंकवाद की साजिश नाकाम कर दी गई है. गुरुवार सुबह बांदीपोरा जिले के गुरेज सेक्टर में भारतीय सेना ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे दो आतंकवादियों को मार गिराया. सेना के चिनार कॉर्प्स ने बताया कि यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किया गया था. गुरेज सेक्टर में सतर्क सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और घुसपैठियों को चुनौती दी. इसके बाद आतंकवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. भारतीय सेना ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और दोनों आतंकवादियों को ढेर कर दिया. सेना ने कहा कि ऑपरेशन अभी भी जारी है और इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.

गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में भी जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया गया था. अखल क्षेत्र में दो आतंकियों को ढेर किया गया था. वहीं, 30 जुलाई को पुंछ इलाके में सेना ने ‘ऑपरेशन शिव शक्ति’ लॉन्च किया था, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकियों को मारा गया. पाकिस्तान की ओर से लगातार घुसपैठ की कोशिशें यह साबित करती हैं कि घाटी में शांति और स्थिरता नहीं देखी जा सकती. भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस मिलकर आतंकवादियों को रोकने और स्थानीय लोगों को सुरक्षित माहौल देने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं. इस घटना से साफ है कि भारतीय सेना की सतर्कता और तेजी से की गई कार्रवाई के चलते एक बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हो गई. गुरेज सेक्टर में मारे गए दोनों आतंकी भारी हथियारों से लैस थे, अगर ये भारतीय क्षेत्र में घुसने में सफल होते तो बड़ा नुकसान हो सकता था.

साभार : जी न्यूज

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

- Advertisement -

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।