लोड हो रहा है...

फिल्म ‘गुस्ताख इश्क’ पहले दो दिन बुरी तरह से पिटी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. विजय वर्मा और फातिमा सना शेख स्टारर फिल्म ‘गुस्ताख इश्क’ बीते रोज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। रोमांस और ड्रामा से सजी ये फिल्म लोगों को पसंद तो आई है लेकिन बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा पाई है। तारीफों के बाद भी फिल्म ने 2 दिनों में 1 करोड़ रुपयों का कलेक्शन नहीं कर पाया है। सेकनिल्क के आंकड़ों की मानें तो फिल्म ने पहले दिन 0.5 करोड़ रुपयों का कलेक्शन किया है। इसके साथ ही दूसरे दिन फिल्म ने 0.03 करोड़ रुपयों की कमाई की है। 2 दिनों में भी फिल्म ने 1 करोड़ का कलेक्शन पार नहीं कर पाया है। मेकर्स को इससे निराशा हुई है।

क्या है फिल्म की कहानी?

फिल्म में विजय वर्मा ने नवाबुद्दीन सैफुद्दीन रहमान रिजवी का किरदार निभाया है। रहमान एक शायर है और नाम कमाना चाहता है। साथ ही कहानी में अजीज का किरदार है जो नामचीन शायर है और रहमान उससे शायरी की कला सीखना चाहता है। इसी दौरान रहमान की जिंदगी में मन्नत बेग नाम की महिला की एंट्री होती है जिसे फातिमा सना शेख ने प्ले किया है। दोनों के बीच दोस्ती होती है और प्यार हो जाता है। शायरी, ख्वाब और चाय के बीच बढ़ने वाली ये कहानी सुखद होने के अहसास के करीब पहुंचती है और गलतफहमी की नजर लग जाती है। इसके बाद दोनों के प्यार का बुरा हाल होता है। ये लवस्टोरी लोगों को काफी पसंद आई है। क्रिटिक्स ने भी इसकी काफी तारीफ की है। फिल्म को विभु पुरी ने डायरेक्ट किया है और प्रशांत झा के साथ मिलकर इसकी कहानी लिखी है। फिल्म में विजय, नसीरुद्दीन और फातिमा के साथ शारिब हाशमी भी स्क्रीन शेयर करते नजर आ रहे हैं।

मेकर्स को हाथ लगी निराशा

हालांकि अच्छी फिल्म होने के बाद भी कमाई के पहलू पर इसने मेकर्स को निराश किया है। पहले और दूसरे दिन का कलेक्शन मिलाकर भी 1 करोड़ का आंकड़ा पार नहीं कर पाई है। अब देखना होगा कि क्या ये फिल्म अगले कुछ दिनों में अपना जादू बिखेर पाती है और लोगों को सिनेमाघरों तक खींचने में कामयाब हो पाती है या नहीं। आने वाले कुछ दिन फिल्म का भविष्य तय करेंगे।

साभार : इंडिया टीवी

- Advertisement -

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

- Advertisement -

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।