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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश गुप्ता ने अरविंद केजरीवाल का साथ छोड़ थामा भाजपा का दामन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी (AAP) को एमसीडी उपचुनाव से पहले दिल्ली में एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी के दिल्ली उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय प्रवक्ता और कर्नाटक प्रभारी राजेश गुप्ता ने शनिवार को बीजेपी का दामन थाम लिया। बीजेपी में शामिल होने के बाद गुप्ता ने कहा कि AAP अपनी मूल विचारधारा से भटक गई है और भ्रष्टाचार में डूब गई है।

उन्होंने कहा कि वे बीजेपी के साथ विकास और राष्ट्रवाद की राह पर चलेंगे। बीजेपी के सभी वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि AAP की ‘आपदा’ अब भाजपा की ताकत बनेगी। दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और अन्य नेताओं ने बीजेपी मुख्यालय में उनका स्वागत किया।

गुप्ता ने आप संयोजक अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए। गुप्ता ने कहा, ‘अरविंद केजरीवाल मेरा फोन तक नहीं उठाते, प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज भी बात नहीं करते। पार्टी में मेरी 10 साल की मेहनत को भुला दिया गया।’ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गुप्ता फूट-फूटकर रो पड़े। राजेश गुप्ता ने आप छोड़ने का कारण बताते हुए कहा कि पार्टी अब अपने सिद्धांतों से दूर हो गई है। उन्होंने कहा कि आप ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। यह पार्टी के शुरुआती वादों के बिल्कुल विपरीत है।

गुप्ता ने विश्वास जताया कि वे बीजेपी के साथ मिलकर दिल्ली के विकास में योगदान देंगे। उन्होंने बीजेपी की विकासवादी नीतियों और राष्ट्रवाद के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। बीजेपी नेताओं ने गुप्ता के शामिल होने को पार्टी के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि आप से अलग हुए नेता अब भाजपा की ताकत बढ़ाएंगे। यह घटनाक्रम दिल्ली की राजनीति में आप के लिए एक चुनौती पेश कर सकता है।

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साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।