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महिला क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को कड़े मुकाबले में हराकर फाइनल में जगह बनाई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. जिस जेमिमा रॉड्रिग्ज को बीच टूर्नामेंट प्लेइंग-11 से ड्रॉप कर दिया गया था, उसी जेमिमा ने अपने बल्ले के दम पर सात बार की वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को बाहर कर दिया। जेमिमा की 127 रन की नाबाद पारी के दम पर भारत ने गुरुवार को खेले गए सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया पर 5 विकेट से जीत हासिल की। डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत के सामने 339 रन का टारगेट रखा था। विमेंस वनडे के 52 साल के इतिहास में कभी इतना बड़ा टोटल चेज नहीं हुआ था। जेमिमा और टीम इंडिया ने नया इतिहास रच दिया और 9 गेंद बाकी रहते हुए 341 रन बनाकर मैच जीत लिया।

भारत ने तीसरी बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई है। 2 नवंबर को होने वाले फाइनल में उसका सामना साउथ अफ्रीका से होगा। जेमिमा के साथ अमनजोर कौर 15 रन बनाकर नाबाद लौटीं। जीत का चौका अमनजोत ने ही लगाया। भारत के दो विकेट 59 रन के स्कोर पर गिर गए थे। प्रतिका रावल की जगह प्लेइंग-11 में आईं शेफाली वर्मा 10 रन बनाकर और टीम की सबसे बड़ी उम्मीद स्मृति मंधाना 24 रन बनाकर आउट हो जाती हैं। यहां से जेमिमा और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जोरदार पार्टनरशिप कर भारत की वापसी कराई।

इन दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 156 गेंदों पर 167 रन जोड़ दिए। हरमन 89 रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बाद जेमिमा ने दीप्ति शर्मा के साथ 38 रनों की साझेदारी की। दीप्ति 24 रन बनाकर आउट हुईं। जेमिमा ने ऋचा घोष के साथ 46 रन की पार्टनरशिप की। ऋचा दो छक्कों के साथ 26 रन बनाकर आउट हुईं। इसके बाद जेमिमा को अमनजोत का साथ मिला और इन दोनों ने टीम को जीत दिला कर ही दम लिया। पांचवें विकेट के लिए नाबाद 31 रन की साझेदारी हुई। 127 रन की पारी खेलने के लिए जेमिमा को प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला।

इंग्लैंड के खिलाफ ड्रॉप हुईं जेमिमा, फिर आउट ही नहीं हुईं

जेमिमा रोड्रिग्ज को शुरुआती 4 मैचों में मौके दिए गए, पांचवें मैच में इंग्लैंड के खिलाफ उन्हें ड्रॉप कर दिया गया और भारत ने 4 रन से करीबी मुकाबला गंवा दिया। न्यूजीलैंड के खिलाफ करो या मरो के मुकाबले में जेमिमा की वापसी हुई, उन्होंने 55 गेंद पर 76 रन बनाए और टीम को 340 रन तक पहुंचा दिया। बांग्लादेश के खिलाफ उनकी बैटिंग नहीं आई और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने 127 रन की नॉटआउट पारी खेलकर भारत को ऐतिहासिक जीत दिला दी। वे पिछली 2 पारियों से आउट ही नहीं हुई हैं। इस आत्मविश्वास के साथ वे साउथ अफ्रीका के खिलाफ फाइनल खेलने वाली हैं।

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साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।