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बीजापुर में 50 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, 14 पर था 68 लाख का ईनाम

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

रायपुर. पीएम मोदी के छत्तीसगढ़ दौरे से पहले नक्सलवाद के खात्मे में जुटे सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। बीजापुर जिले में रविवार को 50 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें से 14 पर कुल 68 लाख रुपये का इनाम घोषित था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नक्सलियों ने राज्य पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने हथियार डाल दिए। बीजापुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने बताया, “उन्होंने खोखली और अमानवीय माओवादी विचारधारा, प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं द्वारा आदिवासियों के शोषण और आंदोलन के भीतर पनप रहे मतभेदों का हवाला देते हुए आत्मसमर्पण किया। वे सुरक्षा बलों द्वारा शिविर लगाने और ‘निया नेल्लनार’ (आपका अच्छा गांव) योजना से भी प्रभावित हैं, जिसके तहत बल और प्रशासन दूरदराज के इलाकों में बुनियादी सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं।”

छह नक्सलियों पर 8 लाख का इनाम

जितेंद्र यादव ने कहा, “आत्मसमर्पण करने वाले 50 लोगों में से छह पर 8-8 लाख रुपये का इनाम है, जिनमें से तीन पर 5-5 लाख रुपये का इनाम है। पांच पर 1-1 लाख रुपये का इनाम है। जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), सीआरपीएफ और इसकी विशिष्ट इकाई कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन) ने उनके आत्मसमर्पण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।” एसपी ने कहा कि आंदोलन छोड़ने वाले और मुख्यधारा में शामिल होने वाले नक्सलियों के लिए सरकार की नीति के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा। यह आत्मसमर्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य के दौरे से कुछ घंटे पहले हुआ है। वह आधारशिला रखेंगे, काम शुरू करेंगे और 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

शनिवार को 18 नक्सली मुठभेड़ में ढेर

सुरक्षा बलों ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के सुकमा और बीजापुर जिलों में दोहरे मुठभेड़ों में 11 महिलाओं सहित 18 नक्सलियों को मार गिराया, जो 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने के मिशन में एक बड़ी सफलता है। ताजा सफलताओं के साथ, इस साल अब तक राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ों में 134 नक्सली मारे गए हैं। इनमें से 118 बस्तर संभाग में समाप्त किए गए। पुलिस के अनुसार, 2024 में सात जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में कुल 792 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।