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सांसद संजय राउत ने बीमारी के कारण दो महीने तक सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग ने लेने का लिया निर्णय

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी के प्रमुख नेता संजय राउत (63) के जल्द स्वस्थ्य होने की कामना की है। एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा है कि मेरी शुभेच्छा है कि आप जल्द स्वस्थ्य हों। पीएम मोदी ने यह पोस्ट संजय राउत के उस ऐलान के बाद की है जिसमें उन्होंने लिखा था कि उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो गई हैं और उनका इलाज चल रहा है तथा उन्हें लोगों से मिलने-जुलने से बचने की सलाह दी गई है। राउत ने बताया था कि अगले साल तक उनकी सेहत अच्छी हो जाएगी।

राउत को कौन सी बीमारी?

राउत ने लिखा था कि आप सभी ने मुझे प्यार और भरोसा दिया है। लेकिन मुझे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो गई हैं और मैं इलाज करवा रहा हूं। मैं इससे उबर जाऊंगा। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार, मुझे बाहर न निकलने और सार्वजनिक स्थानों पर न जाने की सलाह दी गई है। राउत के एक नवंबर को चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन में भाग लेने की उम्मीद थी। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि आपके शीघ्र स्वस्थ होने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करता हूं, संजय राउत जी।’ इस पर संजय राउत ने लिखा है कि मेरा परिवार आपका आभारी है। राउत ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए सार्वजनिक जीवन से दो महीने के अवकाश की घोषणा की है।

बीजेपी के कटु आलोचक हैं राउत

शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य राउत को एक प्रमुख विपक्षी नेता माना जाता है और वह बीजेपी और एनडीए सरकार की नीतियों की निडरता से आलोचना करते रहे हैं। राउत के करीबी सूत्रों ने बताया कि चिकित्सकों ने उन्हें पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है क्योंकि 2019 और 2020 में उनकी दो एंजियोप्लास्टी हो चुकी हैं। ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक पत्र में राउत ने कहा कि उनका स्वास्थ्य ‘अचानक बिगड़ गया’ है और वह वर्तमान में इलाज करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों ने उन्हें फिलहाल बाहर न निकलने या लोगों से मिलने-जुलने से मना किया है।

साभार : नवभारत टाइम्स

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यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।