नई दिल्ली. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ‘आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते’ (Ind-Aus ECTA) के सफल तीन साल पूरे होने पर एक ऐतिहासिक घोषणा की गई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से ऑस्ट्रेलिया भारत से होने वाले 100% निर्यात पर सीमा शुल्क (Tariff) पूरी तरह समाप्त कर देगा।
मुख्य अपडेट और लाभ
भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार समझौते के तहत अब तक हुए विकास और भविष्य की योजनाओं के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
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शून्य शुल्क का लाभ: वर्तमान में भारत के अधिकांश उत्पादों पर शुल्क कम है, लेकिन 2026 से यह पूरी तरह (100% टैरिफ लाइन्स) शून्य हो जाएगा। इससे भारतीय सामान ऑस्ट्रेलियाई बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे।
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निर्यात में 8% की वृद्धि: वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान ऑस्ट्रेलिया को भारत का निर्यात 8 प्रतिशत बढ़ा है। विशेष रूप से रत्न एवं आभूषण (Gems & Jewellery) क्षेत्र में अप्रैल-नवंबर 2025 के दौरान 16% की वृद्धि दर्ज की गई है।
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इन क्षेत्रों को मिलेगा बूस्ट: इस समझौते से कपड़ा (Textiles), चमड़ा, फर्नीचर, मशीनरी, और फार्मास्यूटिकल्स जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को भारी लाभ होगा।
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कृषि और एमएसएमई (MSME): भारतीय किसानों और छोटे उद्यमियों के लिए बाजार के नए रास्ते खुले हैं। फलों, सब्जियों, मसालों और विशेष रूप से कॉफी के निर्यात में जबरदस्त उछाल देखा गया है।
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व्यापार घाटे में कमी: ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत का व्यापार घाटा 2022-23 के 12.06 अरब डॉलर से घटकर 2024-25 में 6.9 अरब डॉलर रह गया है।
अगला कदम: व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता (CECA)
दोनों देश अब अपने मौजूदा समझौते को और अधिक विस्तार देने के लिए व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) पर बातचीत कर रहे हैं। अगस्त 2025 में इसके 11वें दौर की वार्ता नई दिल्ली में संपन्न हुई, जिसमें डिजिटल ट्रेड, सेवाओं और निवेश जैसे व्यापक मुद्दों पर चर्चा की गई।
“यह समझौता न केवल व्यापार को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि सप्लाई चेन को भी मजबूत कर रहा है। इससे भारतीय कामगारों, किसानों और स्टार्टअप्स को वैश्विक पहचान मिल रही है।” — पीयूष गोयल, केंद्रीय मंत्री
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