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नए साल के जश्न के बीच खाने की किल्लत: Zomato और Swiggy के डिलीवरी वर्कर्स आज देशव्यापी हड़ताल पर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. आज जब पूरा देश नए साल के स्वागत की तैयारियों में जुटा है और लोग पार्टी के लिए ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने की योजना बना रहे हैं, तब Zomato, Swiggy और Zepto जैसे प्लेटफॉर्म्स के लाखों डिलीवरी पार्टनर्स ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है। अपनी मांगों को लेकर अड़े इन डिलीवरी वर्कर्स के इस कदम से बड़े शहरों में फूड डिलीवरी सेवाएं पूरी तरह ठप हो सकती हैं।

हड़ताल की मुख्य वजहें

डिलीवरी पार्टनर्स का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को कंपनियों के सामने रख रहे हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  • पे-आउट स्ट्रक्चर में सुधार: पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बीच डिलीवरी शुल्क (Delivery Fee) में वृद्धि की मांग।

  • इंसेंटिव में कटौती: नए साल जैसे बड़े मौकों पर मिलने वाले विशेष इंसेंटिव में की गई कमी का विरोध।

  • सुरक्षा और बीमा: काम के दौरान दुर्घटना होने पर बेहतर चिकित्सा बीमा और सुरक्षा कवर की मांग।

  • आईडी ब्लॉक करने का मुद्दा: बिना किसी पुख्ता कारण के डिलीवरी पार्टनर्स की आईडी ब्लॉक करने की प्रक्रिया को बंद करना।

ग्राहकों और रेस्टोरेंट्स पर असर

31 दिसंबर साल का वह दिन होता है जब ऑनलाइन फूड ऑर्डर अपने चरम (Peak) पर होते हैं। हड़ताल के कारण निम्नलिखित परेशानियां देखने को मिल सकती हैं:

  1. ऑर्डर में देरी: यदि कुछ राइडर्स काम पर आते भी हैं, तो भारी मांग के कारण डिलीवरी में घंटों की देरी हो सकती है।

  2. डिलीवरी चार्ज में उछाल: राइडर्स की कमी की वजह से ऐप पर ‘सर्ज प्राइसिंग’ (Surge Pricing) लागू हो सकती है, जिससे ग्राहकों को सामान्य से दोगुना दाम देना पड़ सकता है।

  3. रेस्टोरेंट्स का नुकसान: कई रेस्टोरेंट्स ने आज के लिए अतिरिक्त स्टॉक तैयार किया था, जो डिलीवरी न होने की स्थिति में बर्बाद हो सकता है।

कंपनियों का पक्ष

हालांकि Zomato और Swiggy की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार कंपनियां बैकअप प्लान पर काम कर रही हैं ताकि कम से कम कुछ इलाकों में सेवाएं चालू रखी जा सकें। कुछ शहरों में कंपनियों ने राइडर्स को लुभाने के लिए ‘लास्ट मिनट बोनस’ की घोषणा भी की है।

सावधानी की सलाह: यदि आप आज रात पार्टी की योजना बना रहे हैं, तो सलाह दी जाती है कि खाने का ऑर्डर समय से काफी पहले दें या सीधे रेस्टोरेंट जाकर खाना पिकअप करें।

 

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यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।