लोड हो रहा है...

GST Collection October 2026: अक्टूबर में जीएसटी संग्रह ₹2.31 लाख करोड़ के पार, 22.9% की जबरदस्त उछाल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

मुंबई|

भारत की आर्थिक गतिविधियों और उपभोक्ता मांग में जबरदस्त तेजी का असर देश के कर राजस्व पर साफ दिखाई दे रहा है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2026 के दौरान भारत का सकल जीएसटी (GST) संग्रह ₹2,31,290 करोड़ दर्ज किया गया है।

अक्टूबर 2025 में दर्ज किए गए ₹1,88,125 करोड़ के मुकाबले इस साल सालाना आधार पर 22.9 प्रतिशत की शानदार वृद्धि हुई है। जुलाई 2017 में वस्तु एवं सेवा कर लागू होने के बाद से यह अब तक का सबसे उच्च मासिक स्तरों में शामिल है।

 

- Advertisement -

जीएसटी संग्रह के प्रमुख आंकड़े: एक नजर में

अक्टूबर 2026 में करदाताओं को दिए गए रिफंड और विभिन्न घटकों के तहत प्राप्त राजस्व का विस्तृत विवरण इस प्रकार है:

घटकअक्टूबर 2026 (₹ करोड़ में)अक्टूबर 2025 (₹ करोड़ में)सालाना वृद्धि (%)
सकल GST संग्रह (Gross GST)₹2,31,290₹1,88,12522.9%
कुल जीएसटी रिफंड₹27,934––
नेट GST संग्रह (Net GST)₹2,03,356₹1,61,90025.6%
घरेलू लेनदेन से GST₹1,59,044₹1,37,30015.8%
आयात से प्राप्त GST₹72,246₹50,80042.2%

 

घरेलू जीएसटी संग्रह का घटक–वार विवरण

घरेलू लेनदेन से प्राप्त कुल ₹1,59,044 करोड़ में केंद्र और राज्यों के राजस्व का योगदान निम्नलिखित रहा:

- Advertisement -
  • CGST (केंद्रीय GST): ₹42,935 करोड़
  • SGST (राज्य GST): ₹51,340 करोड़
  • घरेलू IGST (एकीकृत GST): ₹64,769 करोड़

घरेलू संग्रह में 15.8% की बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि देश के भीतर व्यापारिक गतिविधियां, मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र मजबूत स्थिति में हैं।

 

आयात से जुड़े जीएसटी राजस्व में 42.2% की रिकॉर्ड उछाल

अक्टूबर के आंकड़ों में सबसे महत्वपूर्ण उछाल सीमा शुल्क और आयातित वस्तुओं पर लगने वाले जीएसटी से देखने को मिली है। आयात से प्राप्त सकल जीएसटी राजस्व ₹72,246 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 42.2 प्रतिशत अधिक है। यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार और त्योहारी सीजन के दौरान आयातित वस्तुओं की भारी मांग को दर्शाता है।

 

चालू वित्त वर्ष (अप्रैल – अक्टूबर 2026) का प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2026-27 के पहले सात महीनों (अप्रैल से अक्टूबर 2026) का संचयी प्रदर्शन भी काफी मजबूत रहा है:

  • कुल सकल GST संग्रह: लगभग ₹14.78 लाख करोड़ (सालाना वृद्धि: 13.2%)
  • कुल नेट GST संग्रह (रिफंड के बाद): लगभग ₹12.69 लाख करोड़

यह लगातार चौथा ऐसा महीना है जब देश का मासिक सकल जीएसटी संग्रह ₹2 लाख करोड़ के ऐतिहासिक स्तर से ऊपर बना हुआ है।

 

त्योहारी सीजन का असर और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

अक्टूबर के दौरान देश भर में रहे त्योहारों (जैसे कि नवरात्रि, दशहरा और दिवाली की पूर्व तैयारियों) के कारण उपभोक्ता मांग में भारी उछाल दर्ज किया गया। ई-कॉमर्स, ऑटोमोबाइल सेक्टर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में बंपर बिक्री हुई।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह उछाल केवल मौसमी मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था की अंतर्निहित मजबूती और मजबूत राजस्व आधार का भी प्रमाण है।

 

संबंधित समाचार लिंक (Matribhumi Samachar)

अन्य जानकारियों के लिए हमारे आधिकारिक पोर्टल पर जाएं:

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: अक्टूबर 2026 में भारत का कुल सकल GST संग्रह कितना रहा?

उत्तर: अक्टूबर 2026 में कुल सकल GST संग्रह ₹2,31,290 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹1,88,125 करोड़ की तुलना में 22.9% अधिक है।

Q2: रिफंड के बाद नेट GST संग्रह कितना दर्ज किया गया?

उत्तर: अक्टूबर 2026 में पात्र करदाताओं को ₹27,934 करोड़ का रिफंड देने के बाद नेट GST संग्रह ₹2,03,356 करोड़ रहा (25.6% की वृद्धि)।

Q3: आयात से प्राप्त GST में कितनी वृद्धि दर्ज की गई है?

उत्तर: आयात आधारित GST संग्रह ₹72,246 करोड़ रहा, जिसमें पिछले वर्ष के मुकाबले 42.2% की तेज उछाल दर्ज की गई।

 

Disclaimer (अस्वीकरण)

यह लेख उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों और प्रेस जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। वित्तीय आंकड़ों और कर संग्रह संबंधी सटीक जानकारी के लिए भारत सरकार के वित्त मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट या पोर्टल का संदर्भ लें।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।