कानपुर. उत्तर प्रदेश की प्रमुख मंडियों में शुमार कानपुर की चकरपुर अनाज मंडी में आज व्यापारिक गतिविधियों में स्थिरता के साथ-साथ कुछ खास जिंसों में तेजी का रुख देखा गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, नई फसल की आहट और सरकारी घोषणाओं के बीच व्यापारियों और किसानों की नजरें आगामी हफ्तों के भाव पर टिकी हुई हैं।
गेहूं के बाजार में हलचल: MSP का असर दिखने लगा
आज चकरपुर मंडी में गेहूं (दड़ा) का औसत भाव ₹2,483 प्रति क्विंटल रहा। मंडी में इसकी आवक सामान्य बनी हुई है। वहीं, प्रीमियम क्वालिटी के गेहूं (RR-21) का भाव ₹2,600 से ₹2,650 के बीच दर्ज किया गया।
बाजार विश्लेषण:
सरकार द्वारा आगामी सीजन (2026-27) के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,585 प्रति क्विंटल घोषित किए जाने के बाद से ही बाजार में एक सकारात्मक माहौल है। वर्तमान बाजार भाव और MSP में लगभग ₹100 का अंतर है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि नई आवक शुरू होते ही कीमतों को और समर्थन मिलेगा। फार्म और शरबती गेहूं की मांग बढ़ने से इसके दाम ₹2,750 प्रति क्विंटल तक पहुँच गए हैं।
सरसों और तिलहन: तेल मिलों की मांग से कीमतों में उछाल
तिलहन बाजार में आज सरसों (कोल्हू) के भाव में खासी मजबूती देखी गई। कोल्हू सरसों का औसत भाव ₹6,945 प्रति क्विंटल रहा, जबकि अधिकतम भाव ₹6,970 तक गया।
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कारण: स्थानीय तेल मिलों की भारी मांग और त्योहारी सीजन की आहट ने बाजार को मजबूती दी है।
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अनुमान: आने वाले दिनों में यदि आवक में कमी आती है, तो सरसों ₹7,000 का आंकड़ा पार कर सकती है।
दलहन और सब्जी बाजार: उड़द और मूँग के तेवर कड़े
दलहन वर्ग में आज भी कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहीं। मूँग का भाव ₹8,000 से ₹9,000 के बीच रहा, जबकि उड़द (हरा) ने ₹11,100 प्रति क्विंटल का स्तर छुआ। जौ के भाव में खास बदलाव नहीं दिखा और यह ₹2,250 से ₹2,350 के दायरे में स्थिर रहा।
सब्जी मंडी की बात करें तो आलू की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है। आलू का थोक भाव ₹650 से ₹750 प्रति क्विंटल रहा। व्यापारियों का मानना है कि कोल्ड स्टोरेज से निकासी और नई फसल के बीच संतुलन बने रहने से फिलहाल खुदरा बाजार में आलू के दाम बढ़ने की संभावना कम है।
चकरपुर मंडी भाव तालिका (2 मार्च 2026)
| अनाज/जिंस | न्यूनतम भाव (₹/क्विंटल) | अधिकतम भाव (₹/क्विंटल) |
| गेहूं (दड़ा) | 2,450 | 2,550 |
| गेहूं (RR-21) | 2,600 | 2,650 |
| सरसों (कोल्हू) | 6,920 | 6,970 |
| मूँग | 8,000 | 9,000 |
| उड़द (हरा) | 10,800 | 11,100 |
| आलू | 650 | 750 |
निष्कर्ष और विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मार्च महीने के अंत तक जब नई फसल पूरी तरह से मंडी में आने लगेगी, तब कीमतों में अस्थिरता आ सकती है। हालांकि, सरकार की MSP नीति किसानों के लिए सुरक्षा कवच का काम करेगी। चकरपुर मंडी के व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान में स्टॉक सीमित है, इसलिए कीमतों में बड़ी गिरावट के आसार नहीं हैं।
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