शुक्रवार, सितंबर 18 2026 | 08:07:53 AM

कानपुर मंडी भाव: गेहूं, चना और अरहर की कीमतों में बड़ा बदलाव, देखें आज की ताज़ा रेट लिस्ट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्र कानपुर की अनाज मंडी (चकरपुर और कलेक्ट्रेट गंज) में 5 फरवरी 2026 को अनाज, दलहन, चावल और तिलहन के भावों में मिला-जुला रुख दर्ज किया गया। जहां गेहूं और मोटे अनाजों में स्थिरता बनी हुई है, वहीं दालों की बढ़ती मांग ने उनके दामों को मजबूती दी है। शादी-विवाह सीजन, खुदरा खपत और सीमित आवक बाजार की दिशा तय कर रही है।

? अनाज (गल्ला) के ताजा भाव

मंडी सूत्रों के अनुसार गेहूं की आवक संतुलित है, जिससे कीमतों में खास बदलाव नहीं देखा गया।

वस्तु किस्म थोक भाव (₹ प्रति क्विंटल)
गेहूं दड़ा ₹2,600 – ₹2,625
गेहूं आर.आर. 21 ₹2,700 – ₹2,750
गेहूं फार्म क्वालिटी ₹2,800 – ₹2,850
जौ सामान्य ₹2,250 – ₹2,350
मक्का पीली ₹1,900 – ₹2,200
बाजरा हाइब्रिड ₹1,900 – ₹2,100
ज्वार सफेद ₹2,100 – ₹2,150

मार्केट ट्रेंड: निकट अवधि में गेहूं के भाव स्थिर रहने की संभावना, जबकि मोटे अनाजों में मांग-आधारित हल्का उतार-चढ़ाव संभव।

? दलहन और दालों का बाजार भाव

दालों में घरेलू मांग और सीमित सप्लाई के चलते मजबूती बनी हुई है।

- Advertisement -
  • चना: ₹5,400 – ₹5,500
  • अरहर (तुअर): ₹7,000 – ₹7,500
  • मसूर (साबुत): ₹5,650 – ₹5,850
  • मूंग: ₹6,000 – ₹7,800
  • अरहर दाल: ₹10,300 – ₹10,400
  • चना दाल: ₹6,900 – ₹7,000

विश्लेषण: अरहर और मूंग में मांग आगे भी मजबूत रह सकती है, जिससे दाम ऊंचे बने रहने के संकेत हैं।

? चावल और तिलहन के भाव

बासमती चावल ऊंचे स्तर पर बना हुआ है, जबकि अन्य किस्मों में स्थिरता देखी गई।

  • बासमती चावल (नंबर 1): ₹10,500 – ₹11,000
  • सेला चावल: ₹3,000 – ₹4,000
  • अरवा चावल: ₹2,800 – ₹4,000
  • सरसों (तिलहन): ₹6,900 – ₹7,050 (आवक के अनुसार)

? अन्य प्रमुख जिंसों के भाव

वस्तु भाव
आलू (चकरपुर मंडी) ₹650 – ₹800
गुड़ (देशी भेली) ₹4,500 – ₹4,700
आटा (50 किलो) ₹1,500 – ₹1,600
मैदा (50 किलो) ₹1,540 – ₹1,580

किसानों व व्यापारियों के लिए सलाह: दालों में मौजूदा मजबूती को देखते हुए चरणबद्ध खरीद-बिक्री रणनीति अपनाएं, जबकि गेहूं में फिलहाल होल्ड करना लाभदायक हो सकता है।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।