नई दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों अंशधारकों के लिए राहत भरी खबर है। EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) ने आगामी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भविष्य निधि (PF) जमा पर ब्याज दर 8.25% रखने का निर्णय लिया है।
लगातार तीसरे वर्ष ब्याज दर को स्थिर रखकर सरकार ने निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को एक सुरक्षित और अनुमानित रिटर्न का भरोसा दिया है।
प्रमुख बिंदु:
-
स्थिरता: ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जो निवेशकों के लिए लंबी अवधि में फायदेमंद है।
-
क्रेडिट का समय: हालांकि ब्याज की गणना मासिक आधार पर होती है, लेकिन यह राशि वित्त वर्ष के अंत (31 मार्च 2026) के बाद प्रोसेस होकर जुलाई से सितंबर के बीच खातों में जमा की जाएगी।
-
टैक्स का नियम: ध्यान रहे कि यदि किसी कर्मचारी का सालाना योगदान ₹2.5 लाख से अधिक है, तो अतिरिक्त राशि पर मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आएगा।
कानपुर के औद्योगिक क्षेत्र पर प्रभाव
कानपुर जैसे औद्योगिक हब में, जहाँ मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के लाखों कर्मचारी कार्यरत हैं, इस फैसले का स्वागत किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच 8.25% की निश्चित दर रिटायरमेंट फंड को मजबूती प्रदान करेगी।
“PPF और अन्य बचत योजनाओं की तुलना में EPF का रिटर्न अभी भी काफी आकर्षक बना हुआ है, जिससे मध्यम वर्ग को बचत करने में मदद मिलेगी।”
Matribhumisamachar


