भागलपुर (बिहार) | 03 अप्रैल, 2026
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के केंद्र सुलतानगंज स्थित अजगैवीनाथ धाम अब केवल आस्था ही नहीं, बल्कि रोमांच का भी बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘टूरिज्म हब’ विजन के तहत यहां राज्य का दूसरा ग्लास स्काईवॉक (Glass Skywalk) बनाने की तैयारी अंतिम चरण में है। राजगीर के बाद यह बिहार का ऐसा दूसरा प्रोजेक्ट है जो पर्यटन की तस्वीर बदल देगा।
गंगा की लहरों पर ‘स्काईवॉक’ का अहसास
नगर परिषद के मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू के अनुसार, यह आधुनिक ग्लास ब्रिज पार्वती मंदिर के उत्तरी दिशा में सीधे गंगा नदी के ऊपर बनाया जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि जब श्रद्धालु इस पारदर्शी कांच के पुल पर चलेंगे, तो उन्हें नीचे बहती उत्तरवाहिनी गंगा और उसमें अटखेलियां करती गांगेय डॉल्फिन का अद्भुत नजारा दिखेगा।
परियोजना की खास बातें और सुविधाएं
प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट को श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मनोरंजन दोनों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है:
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डिजाइन: 30 मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़ा यह ब्रिज पूरी तरह से अत्याधुनिक पारदर्शी और उच्च-क्षमता वाले कांच से निर्मित होगा।
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व्यूइंग गैलरी: यहां से बाबा अजगैवीनाथ मंदिर और चारों ओर फैली पहाड़ियों का 360-डिग्री व्यू मिलेगा।
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पर्यटक परिसर: पुल के पास ही एक आधुनिक वेटिंग हॉल, हाई-टेक टिकट काउंटर और खास तौर पर युवाओं के लिए आकर्षक ‘सेल्फी प्वाइंट्स’ बनाए जा रहे हैं।
श्रावणी मेला 2026: कांवड़ियों को मिलेगा नया तोहफा
हर साल सावन के महीने में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से जल भरकर देवघर (झारखंड) की पैदल यात्रा शुरू करते हैं। स्थानीय प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रावणी मेला 2026 के औपचारिक उद्घाटन से पहले इस ब्रिज को आम जनता के लिए खोल दिया जाए। पुणे की एक निजी विशेषज्ञ कंपनी को इसके निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है, जो तेजी से कार्य पूरा कर रही है।
मुख्य आकर्षण:
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लागत: ₹20 करोड़ का निवेश
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ऊंचाई: गंगा तल से लगभग 200 फीट ऊपर
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क्षमता: एक बार में 40 पर्यटक कर सकेंगे सैर
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डेडलाइन: श्रावणी मेला 2026 से पहले शुरुआत का लक्ष्य
Matribhumisamachar


