लखनऊ । गुरूवार, 3 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के लगभग 3.5 लाख आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS – Uttar Pradesh Outsource Seva Nigam), इसके आधिकारिक डिजिटल पोर्टल और वेबसाइट का भव्य शुभारंभ किया है।
इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों को बिचौलियों (एजेंसियों) के शोषण से मुक्त कराना और उनकी भर्ती, तैनाती, उपस्थिति, वेतन, EPF, ESI तथा शिकायतों को एक ही एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के तहत लाना है।
UPCOS क्या है और इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी?
अब तक उत्तर प्रदेश में विभिन्न सरकारी विभागों में तैनात आउटसोर्स कर्मचारी निजी एजेंसियों के माध्यम से कार्य करते थे। कई बार समय पर वेतन न मिलना, EPF/ESI फंड में कटौती के बावजूद राशि जमा न होना और मनमाने ढंग से नौकरी से निकाल दिया जाना जैसी शिकायतें सामने आती थीं।
UPCOS के गठन से अब सरकार और कर्मचारियों के बीच पारदर्शिता आएगी। पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे बिचौलियों का हस्तक्षेप समाप्त होगा।
कर्मचारियों को मिलने वाले 7 मुख्य लाभ
-
फिक्स डेट पर वेतन (1 से 5 तारीख): हर महीने की 1 से 5 तारीख के बीच कर्मचारियों का वेतन सीधे उनके बैंक खाते (DBT) में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
-
सर्विस चार्ज काटने पर रोक: अब कोई भी आउटसोर्सिंग एजेंसी कर्मचारी के मूल वेतन से अपना सर्विस चार्ज या कमीशन नहीं काट सकेगी।
-
EPF और ESI की डिजिटल ट्रैकिंग: कर्मचारियों के भविष्य निधि (EPF) और स्वास्थ्य बीमा (ESI) अंशदान की नियमित डिजिटल निगरानी की जाएगी।
-
अनुचित निष्कासन पर लगाम: कोई भी एजेंसी अब किसी कर्मचारी को बिना किसी वैध कारण के मनमाने ढंग से नहीं हटा सकेगी।
-
पारदर्शी और मेरिट आधारित भर्ती: भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन किया गया है।
-
बिना इंटरव्यू भर्ती: श्रेणी-3 (Group C) और श्रेणी-4 (Group D) के पदों पर भर्ती के लिए कोई इंटरव्यू नहीं होगा, जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।
-
डिजिटल शिकायत निवारण (Grievance Redressal): कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने और उसकी स्टेटस ट्रैकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत घेरा
UPCOS केवल वेतन सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा भी प्रदान करता है:
-
आयुष्मान भारत और ESI कवरेज: कर्मचारियों को ESI स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने का प्रावधान किया गया है।
-
₹20 लाख से ₹40 लाख तक का दुर्घटना बीमा: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ विशेष समझौते के तहत कर्मचारियों को उनकी श्रेणी के अनुसार ₹20 लाख से लेकर ₹40 लाख तक का मुफ्त दुर्घटना बीमा प्रदान किया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. UPCOS का पूरा नाम क्या है?
उत्तर: UPCOS का पूरा नाम उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (Uttar Pradesh Outsource Seva Nigam) है।
Q2. क्या UPCOS के तहत श्रेणी-3 और 4 के पदों के लिए इंटरव्यू होगा?
उत्तर: नहीं, श्रेणी-3 और श्रेणी-4 के पदों पर चयन पूरी तरह से ऑनलाइन और मेरिट आधारित होगा, इसमें कोई इंटरव्यू नहीं लिया जाएगा।
Q3. कर्मचारियों को दुर्घटना बीमा कितना मिलेगा?
उत्तर: SBI के साथ समझौते के तहत कर्मचारियों को उनकी श्रेणी के अनुसार ₹20 लाख से ₹40 लाख तक का दुर्घटना बीमा प्रदान किया जाएगा।
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
यह लेख उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी आधिकारिक घोषणाओं और सार्वजनिक जानकारी के आधार पर सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। किसी भी आधिकारिक आवेदन या सेवा में बदलाव के लिए कृपया UPCOS के आधिकारिक राज्य पोर्टल पर जाएं।
Matribhumisamachar


