लखनऊ. आज यानी 4 फरवरी 2026 को कानपुर में वायु प्रदूषण का स्तर बेहद चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है। बीते कुछ घंटों के ताज़ा अपडेट्स के अनुसार शहर की हवा ‘बेहद खराब’ से ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी के बीच बनी हुई है। बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
📉 कानपुर AQI आज: प्रमुख आंकड़े
- औसत AQI: सुबह के समय कानपुर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 349 दर्ज किया गया, जो सीधे Severe कैटेगरी में आता है।
- मुख्य प्रदूषक: हवा में PM2.5 का स्तर लगभग 183 µg/m³ रिकॉर्ड किया गया है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सुरक्षित मानकों से कई गुना अधिक है।
- इलाकावार स्थिति: नेहरू नगर और किदवई नगर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर शहर के औसत से भी ज्यादा देखा गया है, जिससे स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
🌫️ क्यों बढ़ा प्रदूषण?
विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों के मौसम में तापमान गिरने, हवा की गति कम रहने और सुबह के समय घने कोहरे व धुंध के कारण प्रदूषक कण वातावरण में ही फंसे रहते हैं। इसके अलावा:
- वाहनों से निकलने वाला धुआं
- निर्माण कार्यों की धूल
- औद्योगिक उत्सर्जन
- खुले में कचरा और बायोमास जलाना
इन सभी कारणों ने मिलकर कानपुर की हवा को और ज्यादा जहरीला बना दिया है।
😷 स्वास्थ्य पर प्रभाव और जरूरी सावधानियां
प्रदूषण के इस खतरनाक स्तर को देखते हुए डॉक्टरों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने सतर्क रहने की सलाह दी है:
- बाहर निकलने से बचें: खासकर सुबह और शाम के समय टहलना या व्यायाम न करें।
- मास्क का प्रयोग करें: यदि बाहर जाना जरूरी हो तो N95 या N99 मास्क पहनना अनिवार्य रखें।
- संवेदनशील वर्ग: बच्चे, बुजुर्ग, दमा (Asthma), एलर्जी और हृदय रोग से पीड़ित लोग घर के अंदर ही रहें।
- घर के अंदर सावधानी: खिड़कियां बंद रखें, धूप निकलने पर ही हल्का वेंटिलेशन करें और संभव हो तो एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।
🌤️ मौसम का हाल और आगे की उम्मीद
आज कानपुर में न्यूनतम तापमान 12°C से 14°C के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, दिन चढ़ने के साथ धूप निकलने पर प्रदूषण में हल्का सुधार देखने को मिल सकता है, लेकिन अगले 24 घंटों में बड़ी राहत की संभावना कम है।
कानपुर में मौजूदा वायु गुणवत्ता स्थिति स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना बेहद जरूरी है। जब तक मौसम में बड़ा बदलाव नहीं आता, तब तक लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
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