कानपुर. शहर की चकेरपुर फल मंडी में फरवरी की शुरुआत के साथ ही फलों की आवक तेज़ बनी हुई है। 4 फरवरी 2026 के आसपास मंडी में सेब, केला, अनार, अंगूर और संतरा जैसे प्रमुख फलों के थोक भाव में हल्का उतार-चढ़ाव देखा गया है। व्यापारियों के अनुसार मौसम, आवक और क्वालिटी के आधार पर दामों में अंतर बना हुआ है।
🍎🍌 कानपुर फल मंडी के अनुमानित थोक भाव
(प्रति क्विंटल / प्रति क्रेट)
| फल का नाम | न्यूनतम भाव (₹) | अधिकतम भाव (₹) | औसत भाव (₹) |
|---|---|---|---|
| सेब (Apple) | 6,000 | 12,000 | 9,000 |
| केला (Banana) | 200 | 350 | 280 |
| अनार (Pomegranate) | 8,000 | 14,000 | 11,000 |
| पपीता (Papaya) | 1,500 | 2,500 | 2,000 |
| अंगूर (Grapes) | 4,000 | 7,000 | 5,500 |
| संतरा (Orange) | 3,000 | 5,500 | 4,200 |
📈 क्यों बदल रहे हैं फलों के दाम?
✔️ क्वालिटी और वैरायटी का असर
मंडी में फलों की कीमतें उनकी किस्म और ताजगी पर निर्भर करती हैं।
उदाहरण के तौर पर कश्मीरी सेब के दाम सामान्य सेबों की तुलना में अधिक बने हुए हैं, जबकि मध्यम क्वालिटी के सेब अपेक्षाकृत सस्ते मिल रहे हैं।
🚛 आवक और सप्लाई
फरवरी में उत्तर भारत की मंडियों से आवक बढ़ने लगती है, जिससे कुछ फलों में दाम स्थिर रहते हैं, जबकि सीमित सप्लाई वाले फलों में तेजी देखी जाती है।
⏰ सही समय पर खरीदारी जरूरी
व्यापारियों का कहना है कि सुबह 4 बजे से 7 बजे के बीच मंडी पहुँचने पर
- ताज़ा माल
- बेहतर रेट
- अधिक विकल्प
मिलते हैं।
🛒 थोक बनाम फुटकर कीमत
ये भाव थोक व्यापारियों के लिए हैं।
कानपुर के रिटेल बाजारों में यही फल 20% से 40% तक महंगे दामों पर बिकते नजर आ सकते हैं।
⚠️ जरूरी सूचना
मंडी के भाव हर घंटे बदलते रहते हैं। सबसे सटीक और ताज़ा जानकारी के लिए चकेरपुर फल मंडी के स्थानीय आढ़तियों से संपर्क करना बेहतर माना जाता है।
अगर आप थोक में फल खरीदने या व्यापार से जुड़े हैं, तो फरवरी की शुरुआत का यह समय फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि, खरीदारी से पहले क्वालिटी और ताज़ा भाव की पुष्टि जरूर करें।
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