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कानपुर मंडी भाव: दलहनों की चमक बरकरार, गेहूं और धान के भावों में स्थिरता

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कानपुर । सोमवार, 4 मई 2026

उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्र कानपुर की अनाज मंडियों (चकरपुर और कलेक्टरगंज) में आज 4 मई 2026 को रबी फसलों की आवक के बीच मिला-जुला रुख देखने को मिला। जहाँ एक ओर अरहर और ज्वार जैसी फसलों ने अपनी कीमतों से व्यापारियों को चौंकाया है, वहीं गेहूं और धान जैसे प्रमुख खाद्यान्नों में स्थिरता का माहौल है।

बाजार का हाल: दलहनों में मजबूती

मंडी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अरहर (तूर) के भाव सबसे ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं, जो ₹7,000 से ₹7,500 प्रति क्विंटल तक बिक रहे हैं। व्यापारियों का मानना है कि स्टॉक की कमी और निरंतर मांग के कारण दालों की “चमक” कम होने का नाम नहीं ले रही है। इसके साथ ही, चने और मसूर के भावों में भी मजबूती दर्ज की गई है।

गेहूं और धान: स्थिरता का दौर

गेहूं की कीमतों में फिलहाल कोई बड़ा उछाल नहीं देखा गया है। मंडी में गेहूं का औसत भाव ₹2,490 से ₹2,550 के बीच बना हुआ है, जबकि उच्च गुणवत्ता वाला गेहूं ₹2,850 प्रति क्विंटल तक पहुँच रहा है। धान (सादा) की बात करें तो यह ₹1,815 से ₹1,900 के दायरे में कारोबार कर रहा है।

मोटे अनाजों में ज्वार का जलवा

इस बार मोटे अनाजों में ज्वार ने अपनी गुणवत्ता के आधार पर ₹3,421 प्रति क्विंटल का अधिकतम स्तर छुआ है। यह दर्शाता है कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं के बीच मोटे अनाजों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

प्रमुख जिंसों के थोक भाव (₹ प्रति क्विंटल)

फसल / अनाजन्यूनतम भाव (₹)अधिकतम भाव (₹)औसत भाव/स्थिति
गेहूं (Wheat)2,4402,8502,490 – 2,550
धान (सादा)1,8151,9001,868
अरहर (तूर)7,0007,500मजबूत मांग
ज्वार2,1003,421गुणवत्ता आधारित
चना5,2005,300स्थिर
मसूर5,6505,850स्थिर
चावल2,550 (औसत)

विशेषज्ञ विश्लेषण और भविष्य का अनुमान

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले हफ्तों में मौसम का मिजाज और नई आवक की मात्रा कीमतों को प्रभावित कर सकती है। यदि मौसम शुष्क रहता है, तो आवक बढ़ने से गेहूं की कीमतों में मामूली सुधार या स्थिरता बनी रहेगी। हालांकि, दालों की आपूर्ति में सुधार न होने तक दलहनी फसलों के दाम ऊंचे बने रहने की संभावना है।

नोट: ये भाव थोक मंडी के हैं। फुटकर बाजार और स्थानीय उप-मंडियों में कीमतों में मामूली अंतर हो सकता है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।