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5-Day Banking Week की मांग पर अड़े बैंक कर्मचारी: आज देशभर में बैंक सेवाएं प्रभावित, SBI और PNB ने जारी की एडवाइजरी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read
नई दिल्ली । 
देशभर में आज सरकारी और कुछ निजी बैंकों की शाखाओं में कामकाज ठप या बाधित रहने की आशंका है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के बैनर तले बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने 11 सितंबर 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल बुलाई है। बैंक यूनियनों की मुख्य मांग 5-Day Banking Week (सप्ताह में 5 दिन बैंकिंग कार्य) को तत्काल प्रभाव से लागू करना है।
इसके साथ ही, Performance Linked Incentive (PLI) व्यवस्था में संशोधन, पेंशन संबंधी मुद्दों और कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर भी यूनियनों ने मोर्चा खोल दिया है।

क्यों हो रही है राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल? (मुख्य मांगें)

बैंक कर्मचारियों के प्रमुख संगठन लंबे समय से 5-Day Banking की मांग कर रहे हैं। यूनियनों का कहना है कि:
  1. मार्च 2024 का समझौता: इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच मार्च 2024 में ही सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने और सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने पर सहमति बन चुकी है।
  2. सरकार की मंजूरी का इंतजार: दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी वित्त मंत्रालय से इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है।
  3. PLI व्यवस्था का विरोध: यूनियनों का मानना है कि Performance Linked Incentive (PLI) का लाभ बैंक के ओवरऑल प्रदर्शन के आधार पर सभी कर्मचारियों को समान रूप से मिलना चाहिए, न कि केवल चुनिंदा उच्च अधिकारियों के लिए अलग ढांचा तय किया जाए।

किन सेवाओं पर पड़ेगा सीधा असर?

शाखाओं में कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण काउंटर सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो सकती हैं। ग्राहकों को निम्नलिखित कामों में परेशानी आ सकती है:
  • नकद जमा एवं निकासी (Cash Deposit & Withdrawal)
  • चेक क्लीयरेंस (Cheque Clearance)
  • KYC अपडेट और अकाउंट वेरिफिकेशन
  • पासबुक प्रिंटिंग, लोन प्रोसेसिंग और ड्राफ्ट बनवाना
  • नए दस्तावेज जमा करना

SBI और PNB की ग्राहकों को अहम सलाह

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने एडवाइजरी जारी कर ग्राहकों को डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने का सुझाव दिया है:
  • डिजिटल माध्यम अपनाएं: UPI, Net Banking, Mobile Banking (SBI YONO, PNB One) का उपयोग दैनिक लेनदेन के लिए करें।
  • ATM और ADWMs: नकद निकासी और जमा करने के लिए ATM तथा ऑटोमेटेड डिपॉजिट मशीन का प्रयोग किया जा सकता है।
  • पूर्व योजना बनाएं: जिन कामों के लिए ब्रांच जाना अनिवार्य है, उन्हें हड़ताल और छुट्टियों के कैलेंडर को ध्यान में रखकर तय करें। (ध्यान दें: 12 सितंबर को दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार होने के कारण बैंक लगातार बंद रहेंगे)

आगामी बैंक हड़ताल का शेड्यूल (Strike Calendar)

यदि केंद्र सरकार और बैंक यूनियनों के बीच बातचीत बेनतीजा रहती है, तो आंदोलनों का दौर आगे भी जारी रहेगा:
  • 11 सितंबर 2026: एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल
  • 28 से 30 सितंबर 2026: 3 दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल (हाफ-यीयरली क्लोजिंग के समय)
  • 26 अक्टूबर 2026 से: मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. क्या 11 सितंबर 2026 को सभी बैंक पूरी तरह बंद रहेंगे?
उत्तर: नहीं, हड़ताल का मुख्य असर सार्वजनिक क्षेत्र (सरकारी) के बैंकों की शाखाओं पर पड़ेगा। डिजिटल बैंकिंग सेवाएं (UPI, Net Banking, ATM) सामान्य रूप से चालू रहेंगी।
Q2. बैंक यूनियनों की सबसे प्रमुख मांग क्या है?
उत्तर: बैंक यूनियनों की सबसे मुख्य मांग ‘5-Day Banking Week’ लागू करना है, जिसके तहत हफ्ते में केवल 5 दिन काम होगा और सभी शनिवार को छुट्टी रहेगी।
Q3. क्या हड़ताल के दौरान ATM काम करेंगे?
उत्तर: जी हां, आमतौर पर ATM और डिजिटल भुगतान सेवाएं चालू रहती हैं, हालांकि कुछ जगहों पर कैश री-फिलिंग प्रभावित होने से कैश की किल्लत हो सकती है।


अस्वीकरण:
यह लेख समाचार स्रोतों और बैंक यूनियनों (UFBU) द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है। बैंक प्रबंधन और सरकार के बीच समझौते के आधार पर प्रस्तावित हड़ताल के कार्यक्रमों में बदलाव संभव है। अपने बैंकिंग कार्यों के लिए अपने नजदीकी बैंक शाखा या आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि अवश्य करें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।