लखनऊ. 5 फरवरी 2026, गुरुवार को कानपुर में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुँच गया। सुबह के समय घना स्मॉग छाए रहने से दृश्यता में भारी गिरावट दर्ज की गई, वहीं हवा में घुले ज़हरीले कण स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा हालात में लंबे समय तक बाहर रहना जोखिमभरा हो सकता है।
🌫️ कानपुर AQI अपडेट: ‘Hazardous’ श्रेणी में शहर
आज सुबह कानपुर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 349 रिकॉर्ड किया गया, जो सीधे ‘खतरनाक’ (Hazardous) श्रेणी में आता है। कुछ औद्योगिक और ट्रैफिक-घनत्व वाले इलाकों में AQI 400 से ऊपर भी दर्ज हुआ।
📍 प्रमुख इलाकों का हाल (ट्रेंड आधारित)
| क्षेत्र | AQI | श्रेणी | प्रमुख प्रदूषक |
|---|---|---|---|
| नेहरू नगर | 349 | खतरनाक | PM2.5, PM10 |
| कल्याणपुर | 295 | बहुत खराब | PM2.5 |
| पनकी | 330 | खतरनाक | औद्योगिक धुआं |
| किदवई नगर | 310 | खतरनाक | धूल व धुआं |
AQI घंटे-दर-घंटे बदलता है; सुबह और देर रात स्तर अधिक रह सकता है।
🧪 प्रदूषण बढ़ने के मुख्य कारण
- PM2.5 का उच्च स्तर: सूक्ष्म कणों की मात्रा लगभग 155 µg/m³ तक पहुँच गई—सुरक्षित सीमा से कई गुना अधिक।
- मौसम की भूमिका: ठंड, कम हवा की गति और Temperature Inversion के कारण प्रदूषक जमीन के पास फँस गए।
- स्थानीय स्रोत: पनकी-जाजमऊ औद्योगिक बेल्ट का उत्सर्जन, बढ़ता ट्रैफिक, निर्माण कार्यों से उठती धूल।
- सर्दियों का असर: सर्द मौसम में प्रदूषकों का फैलाव धीमा पड़ जाता है, जिससे स्मॉग की परत मोटी हो जाती है।
🩺 स्वास्थ्य चेतावनी: “एक दिन = 7–9 सिगरेट”
चिकित्सकों का कहना है कि आज की हवा में सांस लेना दिन भर में 7–9 सिगरेट पीने जितना नुकसानदेह हो सकता है। बच्चों, बुज़ुर्गों, गर्भवती महिलाओं और हृदय/फेफड़ों के रोगियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
डॉक्टरों की सलाह
- घर के अंदर रहें, अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।
- बाहर जाना पड़े तो N95/KN95 मास्क अनिवार्य।
- सुबह की सैर टालें—सुबह प्रदूषण अधिक रहता है।
- आँखों में जलन, सांस फूलना, सीने में जकड़न हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- घर में धूल कम रखने के लिए गीली पोछा-पोंछी, संभव हो तो एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।
✅ क्या करें | ❌ क्या न करें
क्या करें:
- हल्का इनडोर व्यायाम • पानी अधिक पिएँ • विटामिन-C युक्त आहार
क्या न करें: - खुले में भारी कसरत • कचरा/पत्ते जलाना • बेवजह वाहन चलाना
🔍 आगे क्या?
मौसम में बदलाव या तेज़ हवा चलने पर स्थिति अस्थायी रूप से सुधर सकती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए औद्योगिक उत्सर्जन नियंत्रण, ट्रैफिक मैनेजमेंट और निर्माण-धूल पर सख़्ती ज़रूरी है।
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