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सेंको के 189+ शोरूम में अब डिजिटल गोल्ड से खरीदें ज्वेलरी, सेंको गोल्ड एंड डायमंड्स और गुल्लक साथ मिलकर देंगे सुविधा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ, सितंबर, 2026: 87 साल से ज्यादा की विरासत वाले देशभर में मौजूद प्रमुख ज्वेलरी रिटेलर और 189+ शोरूम के साथ पूर्वी भारत के सबसे बड़े ज्वेलरी रिटेल ब्रांड, सेंको गोल्ड एंड डायमंड्स ने गुल्लक के साथ साझेदारी की है। इसके तहत गुल्लक यूजर्स अपने जमा किए गए डिजिटल गोल्ड का इस्तेमाल सेंको गोल्ड एंड डायमंड्स के देशभर में मौजूद शोरूम से ज्वेलरी खरीदने के लिए कर सकेंगे।

गुल्लक भारत का डिजिटल गोल्ड सेविंग और इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म है, जो लोगों को आसानी से डिजिटल गोल्ड में बचत और निवेश करने की सुविधा देता है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहक 24 कैरेट, 99.9% शुद्ध डिजिटल गोल्ड में निवेश कर सकते हैं। इसके लिए डेली, वीकली और मंथली एसआईपी, वन-टाइम इन्वेस्टमेंट और ऑटोमेटेड सेविंग्स प्लान जैसे कई विकल्प उपलब्ध हैं।

इस साझेदारी के बारे में बोलते हुए, सेंको गोल्ड एंड डायमंड्स के एमडी और सीईओ, श्री सुवंकर सेन ने कहा, “भारतीय परिवारों में ज्वेलरी की खास जगह है और यह खुशी के मौकों से लेकर जिंदगी के खास पलों तक का हिस्सा होती है। ग्राहकों की पसंद और जरूरतें बदल रही हैं, ऐसे में ज्वेलरी खरीदने के अनुभव को और आसान, सुविधाजनक और डिजिटल बनाने की जरूरत भी बढ़ रही है। गुल्लक के साथ हमारी साझेदारी उसके डिजिटल गोल्ड सेविंग्स प्लेटफॉर्म को सेंको गोल्ड एंड डायमंड्स के भरोसेमंद रिटेल नेटवर्क से जोड़ती है। इससे ग्राहकों के लिए डिजिटल गोल्ड में बचत करने से लेकर अपनी पसंद की ज्वेलरी खरीदने तक का सफर और आसान हो जाता है।”

वहीं, अपने विचार व्यक्त करते हुए, गुल्लक के को-फाउंडर, श्री दिलीप जैन ने कहा, “गुल्लक ऐसे ग्राहकों के लिए डिजिटल गोल्ड में बचत को आसान बना रहा है, जो नियमित रूप से गोल्ड में निवेश करते हैं और आगे चलकर अपनी बचत से ज्वेलरी खरीदना चाहते हैं। भारत के भरोसेमंद ज्वेलरी ब्रांड्स में शामिल सेंको गोल्ड एंड डायमंड्स के साथ साझेदारी इस दिशा में एक बड़ा कदम है। अब गुल्लक यूजर्स देशभर में सेंको के 189+ स्टोर्स पर अपनी डिजिटल गोल्ड की बचत से ज्वेलरी खरीद सकेंगे। यह साझेदारी डिजिटल गोल्ड में बचत की सुविधा को सेंको की भरोसेमंद पहचान, बेहतरीन कारीगरी और देशभर में मौजूद रिटेल नेटवर्क से जोड़ती है।”

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।