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गंगा पुल पर नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य: दिल्ली-पटना-हावड़ा रूट की 845 ट्रेनें प्रभावित, 338 रद्द

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने दिल्ली-पटना-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ा अपडेट जारी किया है। बिहार के मोकामा के पास गंगा नदी पर बने नए डबल-लाइन रेल ब्रिज को मुख्य रेलवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) का काम शुरू किया जा रहा है। इस तकनीकी कार्य के कारण इस व्यस्ततम रूट की कुल 845 ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह ब्लॉक 21 सितंबर से लागू होकर 4 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा। इस दौरान 338 ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है, जबकि 384 ट्रेनों के रूट में बदलाव (डायवर्जन) किया गया है।

जानिए ट्रेनों पर कितना पड़ा प्रभाव:

रद्द ट्रेनें: 338

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रूट डायवर्ट: 384

आंशिक रद्द (Short-Originated): 67

आंशिक समापन (Short-Terminated): 56

इस निर्माण कार्य का सबसे अधिक असर 3 अक्टूबर को देखने को मिलेगा, जिस दिन अकेले 36 ट्रेनें पूर्ण रूप से रद्द रहेंगी। इस बदलाव से बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, झारखंड और ओडिशा जाने वाले लाखों यात्रियों का सफर प्रभावित होने की संभावना है।

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

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रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे सितंबर के अंतिम सप्ताह और अक्टूबर की शुरुआत में स्टेशन निकलने से पहले अपनी ट्रेन का शेड्यूल जरूर चेक कर लें।

यात्री अपनी ट्रेन की लाइव स्थिति जानने के लिए:

NTES (National Train Enquiry System) ऐप या वेबसाइट का उपयोग करें।

IRCTC पोर्टल पर शेड्यूल देखें।

रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करके जानकारी प्राप्त करें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।