इंफाल. मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में सोमवार को हुए दोहरे आईईडी (IED) धमाकों के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है। राज्य पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की। इन धमाकों ने राज्य में एक बार फिर तनाव बढ़ा दिया है, जो पहले से ही जातीय हिंसा की आग में झुलस रहा है।
घटना का विवरण
अधिकारियों के अनुसार, धमाके बिष्णुपुर जिले के फौगाकचाओ पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले न्गाउकॉन (Ngaukon) इलाके में हुए:
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पहला धमाका: सोमवार सुबह करीब 5:45 बजे एक खाली पड़े मकान में हुआ। यह मकान मई 2023 में शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद से खाली था और इसका मालिक वर्तमान में एक राहत शिविर में रह रहा है।
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दूसरा धमाका: करीब 8:45 बजे पहले धमाके वाली जगह से महज 200 मीटर की दूरी पर हुआ। यह विस्फोट तब हुआ जब पहले धमाके की खबर सुनकर स्थानीय लोग और जांच दल वहां एकत्र हुए थे।
हताहत और नुकसान
इन विस्फोटों में दो स्थानीय नागरिक, सनातोंबा सिंह और इंदुबाला देवी, घायल हो गए हैं। उनके पैरों में छर्रे लगे हैं और फिलहाल वे अस्पताल में उपचाराधीन हैं। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर है। धमाकों के बाद गुस्साई भीड़ ने सुरक्षा व्यवस्था में चूक का आरोप लगाते हुए पास के एक सुरक्षा बंकर को भी नुकसान पहुंचाया।
NIA को जांच सौंपने का कारण
धमाकों में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के इस्तेमाल और किसी बड़ी साजिश की आशंका को देखते हुए जांच NIA को ट्रांसफर की गई है। एजेंसी अब इस बात की जांच करेगी कि इन धमाकों के पीछे किन आतंकी समूहों या असामाजिक तत्वों का हाथ है और क्या इसका उद्देश्य राज्य में जारी शांति प्रक्रियाओं को बाधित करना था।
घटना के बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान (Combing Operation) तेज कर दिया गया है। विभिन्न मैतेई और कुकी संगठनों ने इस हमले की निंदा की है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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