भारत के अग्रणी तकनीकी संस्थान Indian Institute of Technology Kanpur (आईआईटी कानपुर) ने एक बार फिर देश को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित किया है। संस्थान का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में Largest Electric Bicycle Delivery (सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक साइकिल डिलीवरी) के लिए आधिकारिक रूप से दर्ज किया गया है। यह उपलब्धि न केवल तकनीकी दक्षता का प्रमाण है, बल्कि भारत में हरित और सस्टेनेबल मोबिलिटी की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भी मानी जा रही है।
क्या है पूरा रिकॉर्ड?
आईआईटी कानपुर से जुड़े इस विश्व रिकॉर्ड का निर्माण 31 जनवरी से 2 फरवरी 2026 के बीच किया गया। इस दौरान 24 घंटे के भीतर 3,700 से अधिक इलेक्ट्रिक साइकिलों (e-cycles) की सफल डिलीवरी की गई। इतनी बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक साइकिलों का एक साथ वितरण अपने आप में एक वैश्विक मानक स्थापित करता है।
किनके सहयोग से बना यह रिकॉर्ड?
यह उपलब्धि आंध्र प्रदेश सरकार के कुप्पम एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (KADA), चित्तूर जिला प्रशासन और भारत के तेजी से उभरते ई-बाइक स्टार्टअप EMotorad के सहयोग से हासिल की गई। इस साझेदारी ने सरकार, प्रशासन, स्टार्टअप और शैक्षणिक संस्थान के सफल समन्वय का उदाहरण पेश किया।
आईआईटी कानपुर की भूमिका
इस पूरे मेगा प्रोजेक्ट में आईआईटी कानपुर टेक्निकल पार्टनर के रूप में शामिल रहा। संस्थान के महत्वाकांक्षी ‘कुप्पम नेट जीरो’ प्रोजेक्ट के अंतर्गत आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने
- डेटा एनालिटिक्स,
- तकनीकी प्लानिंग,
- वितरण प्रक्रिया के मूल्यांकन और
- सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट मॉडल
पर गहन तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया। इसका उद्देश्य केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि एक लॉन्ग-टर्म नेट जीरो मॉडल को जमीन पर उतारना है।
प्रमाणपत्र वितरण
इस ऐतिहासिक उपलब्धि का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स प्रमाणपत्र आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu द्वारा आधिकारिक रूप से प्रदान किया गया। यह क्षण पूरे देश के लिए गौरव का प्रतीक बना।
यह उपलब्धि क्यों है बेहद अहम?
1️⃣ सस्टेनेबल मोबिलिटी की ओर बड़ा कदम
इलेक्ट्रिक साइकिलों का बड़े पैमाने पर उपयोग कार्बन उत्सर्जन कम करने, ईंधन पर निर्भरता घटाने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
2️⃣ ‘नेट जीरो’ भारत की दिशा में पहल
आईआईटी कानपुर का लक्ष्य कुप्पम विधानसभा क्षेत्र को भारत का पहला ‘नेट जीरो निर्वाचन क्षेत्र’ बनाना है, जहाँ परिवहन, ऊर्जा और जीवनशैली से होने वाला कार्बन उत्सर्जन न्यूनतम हो।
3️⃣ कानपुर और उत्तर भारत के लिए गर्व
यह उपलब्धि दर्शाती है कि कानपुर का यह संस्थान केवल शिक्षा और शोध तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक, पर्यावरणीय और तकनीकी बदलावों में भी वैश्विक नेतृत्व कर रहा है।
तकनीकी उत्कृष्टता का एक और प्रमाण
इसी सप्ताह आईआईटी कानपुर ने Wings India 2026 में आयोजित ‘Civil Aviation Innovation Challenge’ में भी प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह सफलता बताती है कि संस्थान ग्रीन मोबिलिटी से लेकर सिविल एविएशन इनोवेशन तक, हर क्षेत्र में तकनीकी श्रेष्ठता स्थापित कर रहा है।
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