मुंबई. उद्योगपति अनिल अंबानी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार तड़के मुंबई में रिलायंस पावर और अंबानी समूह से जुड़े करीब 10 से 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं के एक बड़े मामले में की जा रही है।
तड़के शुरू हुई छापेमारी
सूत्रों के अनुसार, ईडी की लगभग 15 विशेष जांच इकाइयों (SIUs) ने सुबह करीब 6:00 बजे अलग-अलग स्थानों पर दस्तक दी। जांच का मुख्य केंद्र रिलायंस पावर के पंजीकृत कार्यालय और कंपनी से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के आवासीय परिसर हैं।
जांच एजेंसी वर्तमान में निम्नलिखित पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है:
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रिलायंस पावर से जुड़े संदिग्ध फंड ट्रांसफर।
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बैंकों से लिए गए ऋण (Loans) का कथित डायवर्जन।
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विदेशी खातों में किए गए लेन-देन के रिकॉर्ड।
अबोड (Abode) पर पहले ही हो चुकी है कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने यानी फरवरी 2026 में ईडी ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अनिल अंबानी के मुंबई स्थित आलीशान आवास ‘अबोड’ को अस्थायी रूप से कुर्क (Seize) कर लिया था। 3,500 करोड़ रुपये की इस संपत्ति की जब्ती रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) से जुड़े 40,000 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले के सिलसिले में हुई थी।
क्या हैं गंभीर आरोप?
जांच एजेंसियों (CBI और ED) का आरोप है कि अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनियों ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और यस बैंक सहित कई घरेलू और चीनी राज्य बैंकों से भारी कर्ज लिया था।
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आरोप: ऋण राशि का उपयोग व्यापार के बजाय संबंधित मुखौटा (Shell) कंपनियों और विदेशी खातों में भेजने के लिए किया गया।
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बकाया: चीनी बैंकों का ही करीब 13,558 करोड़ रुपये का एक्सपोजर इस मामले में जांच के दायरे में है।
वर्तमान स्थिति: ईडी की टीमें अभी भी दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही हैं। हालांकि, अंबानी समूह या रिलायंस पावर की ओर से अभी तक इस छापेमारी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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