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नूंह में जासूसी का ‘खोरी कलां’ कनेक्शन: कश्मीर से गिरफ्तार जासूस ने उगले मेवात के गहरे राज

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चंडीगढ़ | अप्रैल 05, 2026

हरियाणा का नूंह जिला एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों के राडार पर है। कश्मीर में पकड़े गए एक संदिग्ध पाकिस्तानी जासूस से पूछताछ के बाद खुले ‘मेवात कनेक्शन’ ने हड़कंप मचा दिया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और हरियाणा एसटीएफ (STF) की संयुक्त कार्रवाई में अब तक कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें खोरी कलां निवासी नासिर और पुन्हाना के खेड़ा गांव के कुछ युवक शामिल हैं।

जासूसी नेटवर्क का ‘खोरी कलां’ कनेक्शन

जांच में खुलासा हुआ है कि कश्मीर से गिरफ्तार किया गया मुख्य आरोपी पिछले 10 वर्षों से मेवात के अलग-अलग गांवों में सक्रिय था। वह तावड़ू के खोरी कलां गांव में नासिर के घर कई बार ठहर चुका था।

  • हवाला नेटवर्क: सूत्रों के अनुसार, इस जासूसी कांड के तार केवल सूचनाएं साझा करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसमें करोड़ों रुपये के हवाला लेनदेन की बात भी सामने आई है।

  • नकली पहचान: जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि संदिग्ध ने मेवात में ठहरने के दौरान नकली पासपोर्ट और पहचान पत्र भी बनवाए थे।

NIA की एंट्री और डिजिटल साक्ष्य

मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी नूंह और पलवल के बहीन थाना क्षेत्रों में छापेमारी की है।

  • CDR स्कैनिंग: सुरक्षा एजेंसियां संदिग्धों के मोबाइल फोन के Call Detail Records (CDR) खंगाल रही हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये युवक साल 2017 से ही जम्मू-कश्मीर के कुछ संदिग्ध तत्वों के संपर्क में थे, जिनके सीधे लिंक सीमा पार बैठे हैंडलर्स से हैं।

  • सोशल मीडिया रडार: जांच में ‘हनी-ट्रैप’ और फेसबुक ग्रुप्स के जरिए संवेदनशील इलाकों की तस्वीरें भेजने के संकेत भी मिले हैं।

सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी चिंताएं

मुख्य बिंदु विवरण
ठहरने का ठिकाना पुन्हाना (खेड़ा गांव) और तावड़ू (खोरी कलां) मुख्य केंद्र बने।
हिरासत में संदिग्ध नासिर (खोरी कलां) और पलवल के पावसार गांव के 3 अन्य युवक।
जांच एजेंसियां NIA, हरियाणा STF, और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम।
मुख्य आरोप जासूसी, हवाला फंडिंग और आतंकवाद के लिए रसद सहायता।

विशेषज्ञ की राय: “मेवात की भौगोलिक स्थिति और दिल्ली-NCR से इसकी निकटता इसे विदेशी हैंडलर्स के लिए एक रणनीतिक केंद्र बनाती है। स्थानीय युवकों का इस तरह के जाल में फंसना आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती है।”

आगे क्या?

फिलहाल नासिर और अन्य संदिग्धों से अज्ञात स्थानों पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस नेटवर्क ने भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों या अन्य संवेदनशील बुनियादी ढांचों की जानकारी साझा की है। आने वाले दिनों में कुछ और स्थानीय गिरफ्तारियों की प्रबल संभावना जताई जा रही है।

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