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गाजियाबाद धर्मांतरण कांड: 16 के खिलाफ FIR; 3 शादी और 2 हलाला के जाल में फंसाने का आरोप

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ | बुधवार, 6 मई 2026 

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में अवैध धर्मांतरण के एक चौंकाने वाले मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कलीम सिद्दीकी, नवीन उर्फ नावेद, खालिद हुसैन और कलीम की पत्नी समेत कुल 16 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

आरोप है कि यह गिरोह न केवल लोगों का धर्म परिवर्तन करा रहा था, बल्कि महिलाओं को शादी और हलाला के एक ऐसे जाल में फंसा रहा था जहाँ से निकलना नामुमकिन था। मामले में “तीन शादी और दो हलाला” के खुलासे ने सामाजिक और कानूनी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

मुख्य आरोपी और उनके रोल

  • कलीम सिद्दीकी: इस पूरे ऑपरेशन का मुख्य सूत्रधार या मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।

  • नवीन उर्फ नावेद: इस पर पीड़ित महिलाओं को बरगलाने और पहचान छिपाकर जाल में फंसाने का आरोप है।

  • खालिद हुसैन और फुरकान: धर्मांतरण की प्रक्रिया और कानूनी/मजहबी औपचारिकताओं को पूरा कराने में शामिल।

  • कलीम की पत्नी: साजिश में सहयोग देने और महिलाओं को प्रभावित करने का आरोप।

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पुलिस की जांच

मीडिया रिपोर्ट्स और शुरुआती जांच के आधार पर कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को समझना जरूरी है:

  1. संगठित सिंडिकेट: पुलिस का मानना है कि यह कोई व्यक्तिगत अपराध नहीं बल्कि एक संगठित गिरोह है जो आर्थिक रूप से कमजोर और भावनात्मक रूप से टूटे हुए लोगों को निशाना बनाता है।

  2. हलाला का आरोप: पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि धर्मांतरण के बाद उन्हें डरा-धमका कर हलाला की प्रक्रिया से गुजरने पर मजबूर किया गया।

  3. कानूनी धाराएं: यूपी के सख्त गैर-कानूनी धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें आरोपियों को लंबी सजा हो सकती है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।