वाराणसी । सोमवार, 7 सितंबर 2026
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के सर सुंदरलाल अस्पताल परिसर में कार्डियोथोरेसिक सर्जरी विभाग के संस्थापक और पद्मश्री से सम्मानित वरिष्ठ सर्जन प्रो. टीके लहरी (Prof. TK Lahiri) के साथ हुई कथित मारपीट एवं अभद्रता का मामला गहराता जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की निष्पक्षता और वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए जांच समिति एवं मेडिकल बोर्ड का गठन कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
विश्वविद्यालय अस्पताल के आईसीयू ब्लॉक में भर्ती 85 वर्षीय डॉ. टीके लहरी की बहन की ओर से बीएचयू प्रशासन को एक ईमेल शिकायत पत्र भेजा गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कार्डियोथोरेसिक विभाग के एक चिकित्सक (एसोसिएट प्रोफेसर) द्वारा 29 अगस्त की रात डॉ. लहरी से अभद्रता और धक्का-मुक्की की गई। परिजनों का कहना है कि उन्हें इस घटना की जानकारी विभाग के ही अन्य स्रोतों से मिली।
बीएचयू प्रशासन का रुख और डॉक्टर का पक्ष
प्रशासनिक स्तर पर इस घटना को लेकर गंभीरता दिखाई गई है:
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जांच समिति गठित: निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति/मेडिकल बोर्ड बनाया गया है जो घटना से जुड़े तथ्यों, सीसीटीवी फुटेज (यदि उपलब्ध हो) और संबंधित पक्षों के बयानों का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करेगा।
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आरोपी चिकित्सक की सफाई: संबंधित एसोसिएट प्रोफेसर ने मारपीट के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि प्रो. लहरी उनके गुरु समान हैं और केवल कुछ विषयों को लेकर सामान्य कहासुनी हुई थी, कोई भौतिक हिंसा नहीं हुई।
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स्वास्थ्य स्थिति: अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक के अनुसार प्रो. लहरी वृद्धावस्था एवं अन्य जटिल बीमारियों से पीड़ित हैं और उनकी विशेष देखरेख की जा रही है।
बीएचयू के प्रेरणास्रोत हैं डॉ. टीके लहरी
प्रो. टीके लहरी वर्ष 2003 में सेवानिवृत्त होने के बाद भी बिना कोई वेतन या विशेष सुविधा लिए नि:शुल्क मरीजों का इलाज करते रहे हैं। उन्होंने अपनी पेंशन का बड़ा हिस्सा भी गरीब मरीजों के इलाज और विश्वविद्यालय कोष में दान कर दिया। चिकित्सा क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें ‘पद्मश्री’ से सम्मानित किया था।
विश्वविद्यालय परिसर में इस घटना को लेकर शिक्षकों और छात्रों में काफी चर्चा है। जांच समिति की अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद ही अगली प्रशासनिक या legal कार्रवाई की दिशा स्पष्ट हो सकेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. प्रो. टीके लहरी कौन हैं?
उत्तर: प्रो. टीके लहरी बीएचयू के कार्डियोथोरेसिक सर्जरी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष और प्रख्यात कार्डियोसर्जन हैं। उन्हें चिकित्सा सेवा के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया है।
Q2. बीएचयू प्रशासन ने क्या कार्रवाई की है?
उत्तर: मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति एवं मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है जो बयानों और साक्ष्यों की जांच के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
Q3. आरोपी डॉक्टर का इस मामले पर क्या कहना है?
उत्तर: आरोपी डॉक्टर ने मारपीट के आरोपों को गलत बताया है और कहा है कि प्रो. लहरी उनके सम्मानित गुरु हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख प्राथमिक शिकायतों, बीएचयू प्रशासन और विभिन्न समाचार माध्यमों से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी पक्ष पर लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच समिति की अंतिम रिपोर्ट के अधीन है।
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