लखनऊ ।
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही अतिवृष्टि और उफनती नदियों के जलस्तर ने भारी तबाही मचाई है। राज्य के कुल 37 में से 25 जिलों में बाढ़ और जलभराव का असर बहुत गंभीर बना हुआ है। निचले इलाकों में पानी घुसने और यातायात बाधित होने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
बरेली और शाहजहांपुर में टूटा बारिश का ऑल-टाइम रिकॉर्ड
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी यूपी में बने मजबूत मानसूनी सिस्टम के कारण बरेली में बीते 24 घंटों के भीतर 381.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसने एक दिन में सर्वाधिक वर्षा का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। शाहजहांपुर में भी 227 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। दोनों जिलों में कई प्रमुख रेलवे ट्रैक और सड़कें पानी में डूब चुकी हैं, जिसके कारण एहतियातन स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं।
कानपुर में पांडु नदी के उफान से 40 हजार प्रभावित
कानपुर नगर और कानपुर देहात क्षेत्र में पांडु नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। निचले इलाकों में स्थित 1,002 से अधिक घरों में पानी भर गया, जहां कुछ स्थानों पर जलभराव छ: फीट तक दर्ज किया गया। प्रभावित क्षेत्रों से एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों द्वारा रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है।
युद्ध स्तर पर जारी राहत और बचाव कार्य
राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पूरी ताकत से राहत कार्यों में जुटा हुआ है:
- सुरक्षित स्थानांतरण: अब तक कुल 19,454 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
- राहत शिविर व नाव व्यवस्था: 1,315 बाढ़ राहत शिविर स्थापित किए गए हैं और जलभराव वाले क्षेत्रों में 2,075 नावों व मोटरबोट्स को लगाया गया है।
- सामग्री वितरण: प्रभावितों को 5.94 लाख से अधिक भोजन पैकेट और 1.03 लाख राहत किट बांटे जा चुके हैं।
- स्वास्थ्य व स्वच्छता: बीमारियों को फैलने से रोकने हेतु 1,072 मेडिकल टीमें गठित कर 6.47 लाख क्लोरीन टैबलेट और 2.49 लाख ORS पैकेट वितरित किए गए हैं।
सीएम योगी ने लिया जायजा, मुआवजा सहायता जारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राहत सामग्री और चिकित्सकीय सहायता में कोई देरी न हो। राज्य में क्षतिग्रस्त पाए गए 1,272 मकानों में से 1,002 प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता राशि ट्रांसफर की जा चुकी है।
बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. उत्तर प्रदेश के कौन-कौन से जिले इस बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित हैं?
उत्तर: वर्तमान में 25 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जिनमें कानपुर, शाहजहांपुर, बरेली, लखीमपुर खीरी, पूर्वांचल के आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, अयोध्या, बहराइच और वाराणसी प्रमुख हैं।
Q2. बाढ़ के पानी से फैलने वाली बीमारियों से बचने के लिए क्या उपाय किए गए हैं?
उत्तर: प्रशासन ने 1,072 से अधिक मेडिकल टीमें तैनात की हैं। पानी को शुद्ध करने के लिए क्लोरीन टैबलेट्स और निर्जलीकरण (dehydration) से बचाव के लिए ORS के पैकेट घर-घर बांटे जा रहे हैं।
Q3. आपातकालीन स्थिति में नागरिक मदद के लिए कहां संपर्क कर सकते हैं?
उत्तर: नागरिक राज्य आपदा प्रबंधन के हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क करके त्वरित राहत व बचाव कार्य की मांग कर सकते हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख उत्तर प्रदेश में आई हालिया बाढ़ और बारिश की स्थिति पर आधारित एक सूचनात्मक रिपोर्ट है। बाढ़, मौसम के अलर्ट और जलस्तर की सटीक व ताजा स्थिति जानने के लिए कृपया संबंधित जिला प्रशासन, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) या राहत आयुक्त कार्यालय के आधिकारिक बुलेटिन को ही प्रमाणित मानें।

