सोमवार, सितंबर 07 2026 | 09:45:53 PM

शेयर बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 382 अंक टूटा, निफ्टी 6 हफ्ते के निचले स्तर पर; IT शेयरों में सबसे भारी बिकवाली

Saransh Kanaujia
5 Min Read
मुंबई । 
भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के पहले दिन यानी सोमवार को निवेशकों के चेहरे पर मायूसी छाई रही। शुरुआती सुस्ती के बाद बाजार में चौतरफा बिकवाली का दबाव बढ़ा, जिससे बेंचमार्क इंडेक्स छह हफ्ते के निचले स्तर पर फिसलकर बंद हुए। Nifty 50 करीब 0.50% की गिरावट के साथ 23,779.15 के स्तर पर आ गया, जबकि BSE Sensex 382.62 अंक गिरकर 76,132.81 पर बंद हुआ।

बाजार में सोमवार का हाल: प्रमुख आंकड़े

कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी ने 23,800 के अहम साइकोलॉजिकल लेवल को तोड़ दिया। बाजार में डर का माहौल मापने वाला इंडेक्स India VIX लगभग 5.6% उछलकर बंद हुआ, जो यह दर्शाता है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
सूचकांक / शेयरबंद स्तरकुल बदलाव
BSE Sensex76,132.81▼ 382.62 अंक
Nifty 5023,779.15▼ 118.55 अंक (~0.50%)
Nifty IT Index▼ ~2.30%
Infosys▼ 3.76%
Nifty Pharma▲ ~0.75%

बिकवाली की सबसे बड़ी वजह: IT सेक्टर पर क्यों बढ़ा दबाव?

सोमवार को बाजार को सबसे ज्यादा नुकसान IT शेयरों ने पहुंचाया। Nifty IT इंडेक्स में 2.3% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
  • Infosys का शेयर सबसे ज्यादा 3.76% तक टूट गया।
  • TCS, Tech Mahindra और HCL Technologies जैसी दिग्गज कंपनियों पर भी भारी दबाव देखा गया।
  • वजह: अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के कारण IT कंपनियों के अमेरिकी क्लाइंट्स द्वारा आईटी बजट में कटौती की आशंका जताई जा रही है।
IT, Media, Metal, PSU Bank और Realty सेक्टर्स में बिकवाली रही, जबकि Pharma सेक्टर (0.75% बढ़त) ने बाजार को संभालने का काम किया।

शेयर बाजार में गिरावट के 5 प्रमुख कारण

  1. US Fed Interest Rates की अनिश्चितता: अमेरिका में हाल ही में आए मजबूत रोजगार आंकड़ों ने सितंबर में US Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
  2. भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions): मध्य-पूर्व (Middle East) में जारी तनाव के कारण वैश्विक निवेशक जोखिम भरे परिसंपत्तियों से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों में डाल रहे हैं।
  3. क्रूड ऑयल (Crude Oil) की कीमतें: कच्चे तेल के बढ़ते दाम भारत जैसे आयातक देश के लिए चिंता का विषय हैं। इससे देश का आयात बिल और महंगाई दर दोनों बढ़ने का खतरा है।
  4. विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली: Foreign Institutional Investors (FIIs) भारतीय बाजार से लगातार अपनी पूंजी निकाल रहे हैं, जिससे बाजार की तरलता प्रभावित हो रही है।
  5. IT क्लाइंट्स की सुस्ती: अमेरिकी कंपनियों के सतर्क रुख के कारण भारतीय आईटी कंपनियों के रेवेन्यू ग्रोथ पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

Nifty के लिए आगे के तकनीकी स्तर (Technical Support & Resistance)

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी के 23,800 के नीचे बंद होने से चार्ट पर कमजोरी के संकेत मिले हैं:
  • मजबूत सपोर्ट: 23,600 – 23,500 का दायरा अब निफ्टी के लिए एक मजबूत सपोर्ट का काम करेगा।
  • ऊपरी रेजिस्टेंस: यदि बाजार रिकवर करने की कोशिश करता है, तो 24,000 के स्तर पर कड़ा प्रतिरोध देखने को मिलेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. 7 सितंबर 2026 को सेंसेक्स और निफ्टी कितने अंक गिरकर बंद हुए?
सेंसेक्स 382.62 अंक गिरकर 76,132.81 पर और निफ्टी 50 करीब 118.55 अंक (0.50%) गिरकर 23,779.15 के स्तर पर बंद हुआ।
Q2. किस सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई?
सोमवार को Nifty IT सेक्टर में सबसे ज्यादा करीब 2.3% की गिरावट दर्ज की गई, जिसमें Infosys का शेयर 3.76% तक टूटा।
Q3. निफ्टी के लिए अगला मुख्य सपोर्ट लेवल कौन सा है?
23,800 का स्तर टूटने के बाद अब निफ्टी के लिए 23,600 से 23,500 का जोन मुख्य सपोर्ट माना जा रहा है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है। इसमें व्यक्त किए गए विचार या आंकड़े बाजार की स्थितियों पर आधारित हैं। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर या फंड में निवेश करने से पहले अपने पंजीकृत वित्तीय सलाहकार (SEBI Registered Advisor) से परामर्श अवश्य लें।

Related Post

Share This Article