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कठुआ मुठभेड़: घने जंगलों में छिपे आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का बड़ा ऑपरेशन जारी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच साल 2026 की पहली बड़ी मुठभेड़ जारी है। बिलावर क्षेत्र के घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों में छिपे 2 से 3 आतंकियों को पकड़ने के लिए सेना, पुलिस की SOG टीम और CRPF ने संयुक्त अभियान छेड़ रखा है।

सर्च ऑपरेशन और घेराबंदी: सुरक्षाबलों ने बिलावर के कमाध नाला और धनु पैरोल इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया है। गुरुवार सुबह से ही अतिरिक्त सुरक्षाबलों के साथ तलाशी अभियान फिर से शुरू किया गया है।

जवान घायल: ताजा जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से एक पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हो गया है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हवाई निगरानी: घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकी भाग न सकें, इसके लिए ड्रोन और आधुनिक हवाई उपकरणों की मदद ली जा रही है।

आतंकियों की संख्या: खुफिया इनपुट के अनुसार, इलाके में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 3 पाकिस्तानी आतंकवादियों के घिरे होने की आशंका है।

घटनाक्रम की शुरुआत

यह ऑपरेशन बुधवार (7 जनवरी) शाम को तब शुरू हुआ जब स्थानीय लोगों ने कमाध नाला के पास हथियारबंद संदिग्धों को देखा। सूचना मिलते ही पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने इलाके की घेराबंदी की। जैसे ही सुरक्षाबल संदिग्ध स्थान के करीब पहुंचे, आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

कमांडिंग अधिकारियों की निगरानी

इस पूरे ऑपरेशन की कमान खुद आईजी जम्मू (भीम सेन टूटी) और एसएसपी कठुआ (मोहिता शर्मा) संभाल रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इलाका काफी चुनौतीपूर्ण है, लेकिन सुरक्षाबल आतंकियों को खत्म करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।

सुरक्षा अलर्ट: प्रशासन ने आसपास के ग्रामीणों को सतर्क रहने और जंगलों की ओर न जाने की सलाह दी है। अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सांबा और कठुआ जिलों में भी गश्त बढ़ा दी गई है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।